फिरोजपुर के थाना लक्खोके बहराम पुलिस का पुलिस संदेश फार्म जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
सीआईए स्टाफ में पूछताछ के बाद थाना लक्खोके बहराम लौट रही पुलिस पर लगभग दस सियासत से जुड़े लोग फायरिंग कर दो अपराधियों छुड़ाकर फरार हो गए। पुलिस ने एक आरोपी को काबू कर लिया है। आरोपी पुलिस की गाड़ी को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर गए। जिन दो अपराधियों को सियासी लोग छुड़ाकर ले गए हैं, वो दोनों 307 के मामले में भगोड़े थे। यह वारदात शुक्रवार को रात फिरोजपुर-फाजिल्का राजमार्ग स्थित जंगा वाला मोड़ के पास हुई है। उधर, थाना लक्खोके बहराम पुलिस ने तीन आरोपियों को नामजद कर दस लोगों के खिलाफ मामला दर्जकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक थाना लक्खोके बहराम में आठ जुलाई 2017 में 307 के मामले में जरमन सिंह व हरमीत सिंह आरोपी थे। इन्हें अदालत ने भगोड़ा घोषित किया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। शुक्रवार को सीआईए स्टाफ फिरोजपुर में पूछताछ के बाद इन्हें थाना लक्खोके बहराम लेकर लौट रहे थे, दोनों आरोपियों के साथ हेड कांस्टेबल राम प्रकाश, एएसआई सुखदेव सिंह व चार सिपाही थे।
जैसे ही पुलिस दोनों अपराधियों को लेकर जंगा वाला मोड़ (बीएसएफ हेडक्वार्टर बटालियन-136 के पास) के पास पहुंची कि सफेद रंग की एक कार ने इनकी गाड़ी पर फायरिंग कर दी और पुलिस मुलाजिमों के साथ मारपीट भी की गई। ये सभी सियासी लोग थे और दोनों अपराधियों को छुड़ाकर ले गए। सारी वारदात की जानकारी पीड़ित मुलाजिमों ने थाना लक्खोके बहराम के इंचार्ज को पुलिस संदेश फार्म में लिखकर दी, जिसमें एक नेता के पीए का भी नाम लिखा है, परंतु उसे एफआईआर में नामजद नहीं किया गया, अज्ञात में डाला है। पुलिस संदेश फार्म सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
उधर, पुलिस ने मौके पर एक आरोपी अंग्रेज सिंह को काबू किया है। थाना लक्खोके बहराम पुलिस ने जरमन सिंह, हरमीत सिंह व अंग्रेज सिंह को नामजद कर दस लोगों के खिलाफ मामला दर्जकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की तफ्तीश कर रहे सब-इंस्पेक्टर वजीर चंद के मुताबिक आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापे मारे जा रहा हैं।
पुलिस संदेश फार्म में है जिसका नाम उसकी कई बार पुलिस से हुई झड़प
पुलिस सूत्रों के मुताबिक पुलिस संदेश फार्म में जिस सियासी व्यक्ति का नाम लिखा है वो एक नेता का पीए है। उसने पंचायत चुनाव में भी काफी हंगामा किया था। नेता के बल पर कई बार पुलिस से झड़प कर चुका है। यही नहीं नेता ने भी इसे पंचायत चुनाव में चुनाव लड़ाने के लिए एक उम्मीदवार का नाम काटकर इसे चुनाव मैदान में उतारा था। लेकिन अकाली उम्मीदवार ने पंचायत चुनाव में व्यक्ति को हरा दिया था। उसके बाद चुनाव की घोषणा नहीं की जा रही थी। पंचायत चुनाव में भी गोलियां चलने के अलावा बहुत हंगामा हुआ था। उसी पीए की अगुवाई में पुलिस पर हमला कर दोनों अपराधियों को छुड़ाया गया है।