राज्यसभा सदस्य संत सीचेवाल के प्रयास से हुई वतन वापसी
युवती ने बताया अब भी करीब 35 लड़कियां मस्कट में फंसी
सुल्तानपुर लोधी (कपूरथला)। अरब देशों में उज्ज्वल भविष्य के सपने लेकर मस्कट गई युवती को ट्रैवल एजेंटों ने 1.5 लाख बेच दिया। उसे अस्पताल में 30 हजार रुपये मासिक की नौकरी का झांसा दिया गया था, लेकिन वहां उसका पासपोर्ट लेकर उसे बंधक बना लिया गया। बाद में उसे 1.50 लाख रुपये में बेच दिया गया है। काफी समय वहां रहने के बाद राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल की मदद से दो माह बाद युवती सकुशल वतन लौट आई। पीड़ित युवती परमिंदर रानी ने बताया कि करीब 35 लड़कियां अब भी वहां फंसी हुई हैं। जहां उनके साथ मारपीट की जाती है। उन्हें गलत काम में झोंकने की धमकी दी जाती है। पति हरदीप सिंह की मौजूदगी में पत्रकारों को आपबीती सुनाते हुए परमिंदर रानी ने कहा कि संत सीचेवाल के प्रयासों से ही उसकी घर वापसी संभव हो सकी है। वह 16 मार्च को मस्कट गई थी। उसके मामा और मामी ने ट्रैवल एजेंट के जरिये 70 हजार रुपये लेकर उसे मस्कट भेजा था। परमिंदर रानी ने बताया कि वहां उससे पासपोर्ट व फोन ले लिया गया।
कमरे में बंद कर रखा, मारपीट करते थे
युवती ने बताया कि उसे एक कमरे में बंद करके रखा जाता था, जहां उसके साथ मारपीट भी की जाती थी और खाने को भी कुछ नहीं दिया जाता था। वह अपनी बेटी के उज्ज्वल भविष्य का सपना लेकर गई थी, लेकिन एजेंटों के जाल में फंस गई। 16 मई को परमिंदर रानी के पति हरदीप सिंह ने संत सीचेवाल से संपर्क किया। उसी दिन उन्होंने परमिंदर रानी की वापसी को लेकर विदेश मंत्रालय को पत्र लिखा था। सीचेवाल ने कहा कि विदेश मंत्रालय के प्रयास से कई लड़कियां अपने परिवार से मिल सकीं।
एजेंटों पर सख्त कार्रवाई करे सरकार : सीचेवाल
संत सीचेवाल ने भारत सरकार से ऐसे एजेंटों पर सख्त करवाई करने की अपील की है, जो पंजाब की बेटियों को बड़े सपने दिखाकर उनका शोषण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक इस तरह की घटनाएं होती रहेंगी। जो लड़कियां वापस आती हैं, उनमें ज्यादातर लड़कियों से ट्रैवल एजेंटों की ओर से ऐसे समझौते पर हस्ताक्षर करवाए जाते हैं, जिसमें वे दो साल तक लड़कियों को फंसा लेते हैं और शर्तें पूरी न करने पर उनसे या उनके परिजनों से लाखों रुपये की मांग करते हैं।