परिवहन मंत्री अजीत सिंह कोहाड़ ने पद्मश्री विधायक परगट सिंह पर तीखे वार किए। उन्होंने कहा कि परगट सिंह क्या जाने कि मां क्या होती है। पार्टी के लिए कभी कुर्बानी, जेल यात्रा की होती तो शायद उनको पता होता कि पार्टी मां होती है।
कोहाड़ सोमवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से खास बातचीत कर रहे थे। उनके साथ जिला योजना बोर्ड के चेयरमैन गुरचरण सिंह चन्नी, एसजीपीसी सदस्य परमजीत सिंह रायपुर, कुलवंत सिंह मन्नण, डॉ. एसएस भट्टी, गुरदेव कौर संघा, जिला परिषद के परमजीत सिंह रेरू, कैंट से रणधीर सिंह बहिया और किसान सेल के महासचिव भूपिंदर सिंह भिंदा भी मौजूद थे।
कोहाड़ ने कहा कि शिअद एक पुरानी पार्टी है, जिसके नेताओं ने जेलों से लेकर कई तरह के मोर्चे लगाए हैं। इस वजह से पार्टी का जनाधार काफी बढ़ा है, लेकिन परगट सिंह को पार्टी ने 15 दिन में ही विधायक की कुर्सी पर बैठा दिया। उन्होंने कहा कि परगट सिंह ने अगर पार्टी के लिए जमीनी स्तर से संघर्ष किया होता तो उनको पार्टी की कीमत पता होता।
कोहाड़ ने आरोप लगाया कि परगट सिंह काफी नेताओं को फोन कर धमकियां दे रहे हैं, यह किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह हर हफ्ते एक दिन कैंट में लोगों की समस्याओं को सुनेंगे। कोहाड़ और जिला प्रधान चन्नी ने कहा कि काफी शिकायतें ऐसी भी आ रही हैं कि विधायक परगट सिंह का एक सिक्योरिटी मुलाजिम खुद को पीए मानकर चल रहा है। वह जत्थेदारों पर धौंस जमाकर उनको धमका रहे हैं, ऐसे सरकारी मुलाजिमों पर नकेल कसी जाएगी।
कोहाड़ ने कहा कि परगट सिंह को शायद अपनी असलियत नहीं पता, जब 2012 में उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ा था तो वह अपने गांव मिट्ठापुर के बूथों से 150 वोट से हार गए थे। वहीं 2014 के लोकसभा चुनाव में वह 250 वोटों से हारे और जब निगम के चुनाव हुए तो उन्होंने पार्टी से धोखा किया। कैंट विधानसभा हलके में सात पार्षदों में से एक सिर्फ एक ही अकाली दल का जीत पाया।