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पेंशन को संघर्ष करेंगे शिक्षक

Sun, 06 Oct 2013 11:14 PM IST
अमर उजाला, जालंधर
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जालंधर में बीएड अध्यापक फ्रंट (पंजाब) ने नया विवाद छेड़ दिया है। फ्रंट ने पंजाब सरकार से पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने की मांग की है।
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यही नहीं विरोध स्वरूप फ्रंट ने पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान कर दिया है। देशभगत यादगार हाल में प्रदेश स्तरीय बैठक में महासचिव सुखजिंदर सिंह सठियाल ने कहा कि यह संघर्ष उतनी देर शांत नहीं होगा, जब तक सरकार पुरानी पेंशन स्कीम बहाल नहीं करती है।

इस मौके पर फ्रंट के दूसरे नेता वरिष्ठ उपप्रधान परमजीत दुग्गल, उपप्रधान हरविंदर बरनाला, कुलजीत सिंह फतेहगढ़ साहिब, रविंदर तथा चंद्रशेखर ने एक अप्रैल 2011 से शिक्षा विभाग में भर्ती हुए अध्यापकों को पदोन्नति में बराबर करने की मांग की है।
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नेताओं ने कहा कि अक्तूबर 2008 में राज्य में 14 हजार अध्यापकों की भर्ती हुई थी। इन अध्यापकों को पदोन्नति के लिए प्रत्येक जिले में विभिन्न मापदंड अपनाए जा रहे हैं।


 फ्रंट ने पंजाब सरकार से प्राइमरी तथा मिडिल स्कूलों की हो रही मर्जिंग के फैसले की निंदा की है। उन्होंने सरकार से स्कूल क्लब न करने की मांग की है। इसके साथ ही प्राइमरी और सेकेंडरी स्कूलों में तैनात अध्यापकों को समय पर वेतन देने व अध्यापकों से लिए जा रहे गैर विद्यक कार्यों को बंद करने की मांग की है। वक्ताओं ने शिक्षा में लगातार बढ़ रही रानजीनिक दखलंदाजी को खत्म करने की मांग की है।


 फ्रंट के महासचिव सठियाल ने राज्य सरकार से अपर स्कूलों में सीधी भर्ती से पहले प्राइमरी अध्यापकों की तरक्की में तेजी लाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राज्य में पदोन्नति देने का सिलसिला धीमा है। उन्होंने कहा कि एक जनवरी 2004 के बाद भर्ती हुए कर्मियों की सरकार ने पेंशन स्कीम बंद कर दी है।

इसके लिए अब देश भर में समूह संगठन एकजुट हैं और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते केंद्र सरकार ने मुलाजिमों की पेंशन बहाल न की तो देश भर में इसका विरोध होगा।
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इस मौके पर परमजीत सिंह फिरोजपुर, हरमीत बाजखाना, सरताज सिंह कपूरथला, प्रभजोत सिंह तरनतारन, गुरबख्श सिंह हरीके, कमलप्रीत सिंह जालंधर, गुरविंदर फिरोजपुर, राकेश फाजिल्का, दपिंदर सिंह, अवतार सिंह लुधियाना, रवि कुमार गुरदासपुर, कर्मजीत मजीठा, कंवरजीत, नानक सिंह, सरवण सिंह, हरप्रीत सिंह जालंधर, चनदीप सिंह, गुरमीत सिंह मोगा, जसविंदर सिंह और भारी संख्या में बीएड अध्यापक फ्रंट के नेता मौजूद थे।
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