होशियारपुर के बाल सुधारगृह में बीते एक साल से विचाराधीन कथित पाकिस्तानी मूक-बधिर बच्चे के मामले में प्रगति होती दिखाई दे रही है।
गुरदासपुर के जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने पुलिस को इस मामले में चालान पेश करने के आदेश दिए हैं। दूसरी ओर भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश सचिव आशु सांपला ने इस बच्चे के केस की पैरवी करने को चार वकीलों की व्यवस्था की है।
आशु सांपला ने बताया कि बीते एक साल से अधिक समय से होशियारपुर के बाल सुधारगृह में विचाराधीन इस बच्चे का मामला उस समय प्रकाश में आया जब एक अंग्रेजी समाचार पत्र में इस संबंध में रिपोर्ट प्रकाशित हुई।
इस मामले को लेकर उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। अब उनके प्रयासों से ही बच्चे की पैरवी करने के लिए चार वकीलों एडवोकेट नवजोत कौर चब्बा, कमलजीत कौर, अमनबीर सिंह तरनतारन और जीएस सोहर गुरदासपुर की व्यवस्था की है, ताकि बच्चे को पूरा न्याय दिलवाया जा सके।
इन वकीलों ने जुवेनाइल बोर्ड को बताया कि इस बच्चे को बीतेे साल 14 नवंबर को डेरा बाबा नानक के पास सीमा से पकड़ा गया था।
थाना डेरा बाबा नानक की पुलिस ने इस बच्चे के खिलाफ इंडियन पासपोर्ट एक्ट की धारा 3 व 34 और विदेश अधिनियम (1920) की धारा 14 के तहत मामला दर्ज किया।
वकीलों ने बोर्ड को बताया कि हैरानी की बात है कि एक साल बीत जाने के बाद भी पुलिस ने इस मामले में अदालत में चालान तक पेश नहीं किया।
गुरदासपुर के जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस को निर्देश दिया है कि वे अगली सुनवाई 6 जनवरी पर चालान पेश करे।
अदालत ने बच्चे की नागरिकता के बारे में भी पुलिस से बयान दर्ज करवाने को कहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह बच्चा पाकिस्तानी है या नहीं।