जालंधर ट्रेडर्स एंड मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन ने रेगुलाइजेशन पॉलिसी व वैट रिफंड में सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ रोष पनपना शुरू हो गया है। उद्यमियों ने साफ कहा है कि वे प्लॉटों को रेगुलर करने की फीस किसी सूरत में अदा नहीं करेंगे।
जालंधर ट्रेडर्स एंड मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन की बैठक में वैट रिफंड व उसमें आने वाली मुश्किलों व समाधान की जानकारी देने के लिए एडवोकेट एनएस बेदी खास तौर पर पहुंचे। प्रधान राजकुमार शर्मा ने कहा कि सरकार ने वादा किया था कि 15 सितंबर तक सारा वैट क्लीयर कर दिया जाएगा लेकिन 20 दिन ज्यादा हो चुके हैं और सरकार ने सिर्फ 30 फीसदी कारोबारियों को वैट रिफंड दिया है। अधिकारी बेवजह बहानेबाजी कर फाइलों को रिजेक्ट कर रहे हैं।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों गुरशरण सिंह, मंदीप सिंह गुजराल, पवन कुमार, प्रीत मोहन सिंह ने कहा कि पंजाब में व्यापार व इंडस्ट्री की हालत काफी बुरी है, ऐसे में वह प्लॉटों को रेगुलर करने का बोझ अदा नहीं कर सकते हैं।
वहीं दूसरी तरफ जालंधर मैन्यूफैक्चर्स एवं ट्रेडर्स एक्शन कमेटी के रविंदर धीर ने कहा है कि व्यापारी बुरी तरह से पिस रहा है। डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने 30 जुलाई को व्यापारियों के साथ जो वायदे किए थे, उनको पूरा नहीं किया है।
हमारे साथ वायदा हुआ था कि ई-ट्रिप नहीं लगाया जाएगा और वैट का बैक लॉग 15 सितंबर तक क्लीयर कर दिया जाएगा। मंगलवार को एक्शन व स्टीयरिंग कमेटी की बैठक बुलाई गई है, जिसमें सरकार के खिलाफ रणनीति तैयार की जाएगी।