जालंधर। पंजाब में अकाली-भाजपा का गठबंधन टूट चुका है पर अकालियों और भाजपा का आपस में मोह भंग नही हो रहा है। पंजाब में हो रहे इन विधानसभा चुनावों को चाहे अकाली और भाजपा अलग अलग लड़ रहे हैं, भाजपा वाले अकाली उम्मीदवार और अकाली दल के नेता भाजपा के उम्मीदवार की स्पोर्ट करना नहीं छोड़ रहे हैं। ऐसे ही कुछ जालंधर में हो रहे विधानसभा चुनावों में नजर आया। जालंधर के वेस्ट हलके में अकाली नेता कांग्रेस के प्रत्याशी को हराने के लिए भाजपा के खेमे में बैठे दिखाई दिए।
इस अकाली नेता ने वोट वाले दिन अकाली दल के प्रत्याशी को छोड़कर भाजपा के प्रत्याशी के हक में वोट डलवाई। अकाली दल के यह नेता भाजपा के बूथ पर बैठकर भाजपा के उम्मीदवार महिंद्र भगत को वोट डलवाते दिखे। दूसरी तरफ नार्थ से भाजपा के उम्मीदवार केडी भंडारी के बूथ पर केडी भंडारी के साथ अकाली-बसपा के उम्मीदवार कुलदीप सिंह लुभाना के बैनर लगे दिखाई दिए। ऐसा लग रहा था कि उक्त बूथ भाजपा का न होकर अकाली-भाजपा के किसी संयुक्त उम्मीदवार का हो, इस बार भाजपा और अकाली अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा के इस अकाली दल प्रेम से ऐसा लग रहा है कि चुनावों के बाद अगर भाजपा व अकाली दल दोनों एक साथ नजर आएं तो कोई आश्चर्य नही होगा। जब भाजपा उम्मीदवार केडी भंडारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मुझे क्या पता कि यह बैनर किसने लगवाया है ओर अगर लगा है तो इसमें मैं क्या कर सकता हूं। हमारा अकाली दल से कोई लेना देना नहीं है।