रेलवे स्टेशन पर खड़ी मजदूरों की साइकिलें
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कोटकपूरा से फिरोजपुर कैंट रेलवे स्टेशन श्रमिक एक्सप्रेस में सवार होने आए प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत देते हुए जिला प्रशासन ने 37000 रुपये खर्च करके सभी दस मजदूरों की नई साइकिलें खरीद लीं, जो उनके मालिक ने उन्हें तनख्वाह के पैसों का हिसाब करते वक्त बेची थीं। जिला प्रशासन ने मजदूरों को उनकी साइकिल के दाम देकर ट्रेन में रवाना किया।
कोटकपूरा से दस प्रवासी मजदूर ट्रेन पकड़ने के लिए फिरोजपुर कैंट रेलवे स्टेशन आए थे और सभी के पास नईं साइकिलें थीं। उन्होंने बताया कि जहां वे काम करते थे, उन्हें तनख्वाह का हिसाब करते वक्त 3700 रुपये (प्रति साइकिल) की कीमत के हिसाब से ये साइकिलें दी गईं और पैसे उनकी तनख्वाह से काट लिए।
इसके बाद वह साइकिल लेकर फिरोजपुर कैंट स्टेशन पहुंचे, लेकिन रेलवे अथारिटी ने उन्हें साइकिल लेकर ट्रेन में सवार होने से इंकार कर दिया। 3700 रुपये में उन्हें एक साइकिल मिली थी, जिसे वह साथ भी नहीं ले जा सकते थे। यह व्यथा उन्होंने मौके पर मौजूद डिप्टी कमिश्नर फिरोजपुर कुलवंत सिंह और एसडीएम अमित गुप्ता को बताई, जिन्होंने सभी दस प्रवासी मजदूरों को राहत देने के लिए उनकी साइकिलें खरीदने का फैसला लिया।
प्रशासन ने 3700 रुपये प्रति साइकिल की कीमत प्रवासी श्रमिकों को अदा कर दी और नकद राशि दी। प्रवासी मजदूर सवरनजीत कुमार ने बताया कि फिरोजपुर प्रशासन ने न सिर्फ उनकी व्यथा सुनी बल्कि उनके जख्मों पर मरहम लगाया। उन्हें साइकिल की नहीं, बल्कि पैसों की सख्त जरूरत थी, जिसे समझते हुए प्रशासन ने 3700 रुपये के हिसाब से उनकी साइकिलें खरीदीं। यह उनके लिए काफी आश्चर्य भरा था लेकिन इस फैसले ने सभी प्रवासी मजदूरों के मायूस चेहरों पर खुशी लौटा दी। संकट की इस घड़ी में की गई वह इस मदद को कभी नहीं भूल सकते।