स्नातक छात्रा पर तेजाब फेंकने वाले सिरफिरे युवक को जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने 10 वर्ष की कैद व 10 लाख रुपये का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में 4 वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। जुर्माना राशि पीड़िता को बतौर मुआवजा सौंपी जाएगी।
डीएवी कालेज जलालाबाद में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा था कि कंप्यूटर सेंटर पर कोचिंग जाते-आते समय दशमेश नगरी जलालाबाद निवासी हरप्रीत सिंह कंडा उर्फ विक्की उसके साथ छेड़छाड़ करता है।13 अगस्त 2016 को जब वह गगनेजा स्ट्रीट में ट्यूशन पढ़ने वाली अपनी बहन रपिंद्र कौर को लेने गई तो हरप्रीत सिंह कंडा अपने साथी के साथ बाइक पर सवार होकर आया और तेजाब की बोतल मेरे चेहरे पर उड़ेलने का प्रयास किया। मैने सतर्कता से मुंह घुमा लिया, जिससे तेजाब उसके गर्दन व शरीर के अन्य हिस्सों पर गिर गया। इससे वह झुलस गई।
पुलिस ने मामले की जांच करते हुए हरप्रीत सिंह कंडा व उसके साथी के खिलाफ मामला दर्ज कर चालान पेश किया। करीब चार वर्ष तक चली लंबी अदालती सुनवाई के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश तरसेम मंगला ने आरोपी हरप्रीत सिंह कंडा को धारा 326-ए में 7 वर्ष की कैद व 4 लाख रुपये जुर्माना और धारा 307 में 10 वर्ष की कैद व 6 लाख जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोनों मामलों में दो-दो वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया। यह सारी जुर्माना राशि पीड़िता को बतौर मुआवजा सौंपी जाएगी। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। मामले में नामजद दूसरा आरोपी नाबालिग होने के कारण जुबेनाइल कोर्ट ने उसके बारे में दो वर्ष पहले सजा दे चुकी है। मंगलवार को अदालत में हुए इस फैसले में पीड़ित पक्ष की पैरवी एडवोकेट सतिंद्र सिंह व सरकारी वकील वजीर कंबोज ने की।