जालंधर। पिछले लगभग 11 सालों से खुद को रेगुलर करने का मांग को लेकर भटक रहे अध्यापकों ने सोमवार को एक रोष रैली का आयोजन किया। यह रोष रैली देश भगत यादगार हाल से होकर डीसी दफतर पहुंची। इस रोष रैली दौरान अध्यापकों ने पंजाब सरकार खिलाफ नारेबाजी की। डीसी दफ्तर पहुंचकर जब इन अध्यापकों ने डीसी को मांग पत्र देने के लिए डीसी दफ्तर में प्रवेश करना चाहा तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। अध्यापकों के कहने पर पुलिस वाले मात्र 5 अध्यापकों को अंदर जाने देने के लिए राजी हुए।
इस दौरान जब 5 अध्यापक डीसी दफ्तर पहुंचे तो पुलिस वालों ने उन्हें अपना मांग पत्र एडीसी को देने की बात कही, लेकिन अध्यापकों ने एडीसी से मिलने से इंकार कर दिया। अध्यापकों का कहना था कि वह डीसी से मिलकर ही मांग पत्र देंगे, नहीं तो वह अपने सभी साथियों को दफ्तर में बुलाकर यहीं पर धरना दे देंगे।
डीसी घनश्याम थोरी के मीटिंग में होने के कारण अध्यापकों को कुछ देर इंतजार करना पड़ा और अंत में अध्यापकों ने अपना मांग पत्र सौंप दिया। मांग पत्र में इन अध्यापकों ने कहा कि वह इस बात को लेकर चेतावनी देने आए हैं कि अगर सरकार की तरफ से रखी गई 15 जून की मीटिंग में उनकी मांगें न मानी गईं तो वह गुप्त एक्शन लेते हुए कुछ भी कर गुजरने को मजबूर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह इतने परेशान हो गए हैं कि वह अब अपनी जान न्यौछावर करने से भी परहेज नहीं करेंगे।