सर्व शिक्षा अभियान के तहत शिक्षा विभाग में चल रहे एआई सेंटरों के टीचरों ने अपनी मांगों को लेकर शनिवार को टंकी पर चढ़ने की योजना बनाई थी।
पुलिस ने एआई टीचरों की इस योजना को फेल कर दिया। टंकी पर चढ़ने से पहले ही बस स्टैंड से करीब 15 अध्यापकों को हिरासत में ले लिया गया। हालांकि डीएसपी मनप्रीत ढिल्लों का कहना है कि पुलिस ने जिन 15 एआई अध्यापकों को हिरासत में लिया था, उन्हें तीन घंटे हिरासत में रखने के बाद छोड़ दिया।
मगर, एआई अध्यापक यूनियन की स्टेट प्रधान स्वर्णा देवी का कहना है कि पुलिस ने पंजाब सरकार के इशारे पर उनके टीचरों को बैठक से पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। उनका कहना है कि यूनियन का टंकी पर चढ़ने का कोई प्लान नहीं थी, पुलिस अपनी मर्जी से ही यह बयान दे रही है।
जानकारी के मुताबिक पुलिस ने एआई यूनियन के उपप्रधान निशांत सहित फतेहगढ़ साहिब की 13 महिला अध्यापकों और लुधियाना के दो पुरुष अध्यापकों को गिरफ्तार किया है। स्वर्णा देवी का कहना है कि सरकार की तरफ से सेंटर चलाने के लिए जो क्वालीफाइड अध्यापकों को वेतन देने की बात की जा रही है, वह उन्हें मंजूर नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार ईटीटी पास अध्यापकों को सरकारी दफ्तरों में चपरासी ही रख ले। इस समय सरकारी दफ्तरों में दर्जा चार कर्मचारी ही अच्छा वेतन ले रहे हैं। मगर, पंजाब सरकार उन्हें 2500 से 5 हजार रुपये देने की बात कर रही है। गुरदासपुर, कपूरथला, अमृतसर, फिरोजपुर, अबोहर, मुक्तसर और बठिंडा में ड्यूटी देने वाले एआई अध्यापक किसी भी हालत में सेंटर नहीं चलाएंगे और न ही चलने देंगे।
स्वर्णा देवी चमका रही हैं राजनीति : दलजीत कौर
वालंटियर दलजीत कौर का कहना है कि सरकार की तरफ से उन्हें जो सेंटर के लिए वेतन दिया जा रहा है, वह उन्हें मंजूर है। उनका कहना है कि स्वर्णा देवी अपनी राजनीति ही चमकाना चाहती है। समझौते के मुताबिक पंजाब सरकार उनके कांट्रेक्ट को दो साल के लिए रिन्यू करने को तैयार है।