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पठानकोट में सुरिंदर मन्हास ने रोकी सुजानपुर नगर काउंसिल में भाजपा की हैट्रिक

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पठानकोट। दूसरी बार पार्षद चुने गए सुरिंदर मन्हास ने नगर काउंसिल सुजानपुर में भाजपा की हैट्रिक टाल दी है। अब सुजानपुर में कांग्रेस का प्रधान चुना जाएगा। सुरिंदर मन्हास ने अपने साथ एक अन्य आजाद उम्मीदवार को भी कांग्रेस में शामिल करवाया। चंडीगढ़ में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने दोनों आजाद उम्मीदवारों को कांग्रेस में शामिल किया। इससे पहले लगातार 10 साल तक नगर काउंसिल सुजानपुर पर भाजपा का कब्जा रहा है। सुरिंदर मन्हास 22 साल से भाजपा में थे। पिछले निकाय चुनाव में उन्होंने वार्ड-12 से बतौर भाजपा उम्मीदवार चुनाव लड़ा और जीते। इस दौरान भाजपा बहुमत से आई और रूप लाल को अध्यक्ष चुना गया था। अब 10 साल बाद सुजानपुर में भाजपा का किला कांग्रेस ने फतेह किया है।
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भाजपा और कांग्रेस में हो सकता था टाई
सुजानपुर नगर काउंसिल में 15 सीटों पर चुनाव हुआ। इनमें से कांग्रेस ने 8 और भाजपा ने 5 सीटों पर कब्जा किया। इसके अलावा सुरिंदर मन्हास और तरसेम लाल निर्दलीय चुनाव जीते। दोनों आजाद उम्मीदवार भाजपा में जाते तो भाजपा विधायक बब्बू का वोट मिलाकर दोनों पार्टियों का आंकड़ा 8-8 हो जाता। इससे मामला फंस सकता था। ऐसे में कांग्रेस हाईकमान ने मतगणना के अगले ही दिन दोनों निर्दलीय पार्षदों को चंडीगढ़ में कांग्रेस में शामिल करवाकर नगर काउंसिल कब्जाने का रास्ता साफ कर लिया।
परिवार के खिलाफ जाकर 22 साल पहले भाजपा से जुड़े थे मन्हास
सुरिंदर मन्हास ने बताया कि उनके पिता प्रिंसिपल मोहन सिंह 3 बार कांग्रेस के निशान पर चुनाव लड़े और पार्षद बने। इसके बाद उन्हें नगर काउंसिल अध्यक्ष बनाया गया। उनके बाद भाभी मीनाक्षी मन्हास भी कांग्रेस में रहकर पार्षद चुनी गईं लेकिन उन्होंने कांग्रेस की जगह भाजपा को चुना। 22 साल भाजपा से जुड़े रहे। उन्होंने 2015 में पहली बार चुनाव लड़ा और जीते। इस बार विधायक दिनेश सिंह बब्बू ने उन्हें टिकट देने की बजाय बलबीर मन्हास को टिकट दे दिया। इसपर उन्होंने भाजपा का साथ छोड़ निर्दलीय चुनाव लड़ा और भाजपा उम्मीदवार को हराकर जीत हासिल की।
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