पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस जसपाल सिंह ने कहा कि नेशनल लोक अदालत शांति का प्रतीक बन रही हैं। इन अदालतों में आने वाले केसों में दोनों पक्ष बराबर रहते हैं।
न किसी की हार होती है और न ही जीत। सबसे अहम बात यह है कि इससे दोनों पक्षों में सौहार्द्र बढ़ता है। कुछ साल पहले शुरू हुई लोक अदालत की परंपरा से जहां पेंडेसी में गिरावट आई है, वहीं समाज में शांति का माहौल भी बनने लगा है।
जस्टिस शनिवार को न्यू ज्यूडिशियल कांप्लेक्स में आयोजित नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ करने आए हुए थे।
जस्टिस जसपाल सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट में जजों की कमी की वजह से केसों की पेंडेंसी बनी हुई है।
इसकी जमीनी हकीकत जानने के उद्देश्य से सुप्रीमकोर्ट ने देश भर की हाईकोर्ट से जजों की कमी से संबंधित डाटा मांग लिया है। कोलेजियम की ओर से हाईकोर्ट में जजों की जल्द तैनाती कर दी जाएगी।
मौजूदा समय में तैनात जजों ने पेंडेंसी को कुछ कम किया है, लेकिन जल्द नए जजों की नियुक्ति से इसमें भारी गिरावट दर्ज होगी। लोअर कोर्ट की पेंडेंसी पहले से ही काफी कम हो गई।
पहले जहां एक जज के पास तीन से चार हजार केस पेंडिंग होते थे, अब यह सिमट कर 1000-1500 रह गए हैं। पिछले साल पंजाब में 100 ज्यूडिशियल अफसरों की तैनाती हो गई है।
दिसंबर में नए जेओ की इंटरव्यू प्रक्रिया के बाद नए साल में करीब 100 और ज्यूडिशियल अफसरों को अदालतों में सुशोभित कर दिया जाएगा। हर साल 100 जेओ भर्ती किए जाएंगे।