प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुनील जाखड़ ने आरोप लगाया है कि सूबे में कई हजार करोड़ का घोटाला बिजली विभाग में किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां नेशनल ग्रिड से सस्ती बिजली मिल सकती है, वहीं पंजाब सरकार ने निजी थर्मल प्लांटों से कई हजार करोड़ की बिजली खरीदकर उनको फायदा पहुंचाया है। यही नहीं राजपुरा थर्मल प्लांट काफी समय से बंद पड़ा हुआ है, उसका भी पंजाब सरकार भुगतान कर रही है।
जाखड़ ने डिप्टी सीएम सुखबीर बादल को चुनौती दी कि वह किसी भी प्लेटफार्म पर आकर उससे बहस कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार कांग्रेस विधानसभा में पंजाब सरकार को इस घोटाले में घेरेगी और इसका जवाब मांगेगी।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुनील जाखड़ ने मंगलवार को स्थानीय सर्किट हाउस में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि पंजाब में आज बिजली सरप्लस है, लेकिन बादल सरकार अपने निजी हितों को देखते हुए निजी पॉवर प्लांटों से महंगे दामों पर बिजली खरीद रही है। जाखड़ ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार आने पर बादल सरकार के बिजली घोटाले की जांच सीबीआई और कैग से करवाएंगे।
उन्होंने बताया कि पंजाब में मौजूदा प्र्राइवेट बिजली प्लांट एलएंडटी और स्टरलाइट कंपनी के पॉवर प्लाटों को बादल सरकार ने पंजाबियों से महंगी दरों पर बिजली के बिल वसूल कर करोड़ों का लाभ पहुंचाया है। इसलिए कांग्रेस पार्टी चाहती है कि विधानसभा सेशन के अलावा उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल इस मामले पर खुली चर्चा करें, ताकि करोड़ों के घोटाले की सच्चाई से पर्दा उठ सके।
जाखड़ ने कहा कि पंजाब सरकार ने इन निजी थर्मल प्लांटों के साथ जो समझौता कर रखा है, उसके तहत हर साल तीन हजार करोड़ की बिजली इनसे खरीदी जाएगी। हालात यह है कि राजपुरा थर्मल प्लांट बंद पड़ा हुआ है और उसको पैसे का भुगतान किया जा रहा है। बिजली भी महंगी खरीदी जा रही है। इसमें कई हजार करोड़ का घोटाला हुआ है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच की जरूरत है। इस दौरान राजिंदर बेरी, जगबीर बराड़, सतनाम कैंथ और डॉ. नवजोत दहिया मौजूद थे।