कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुनील जाखड़ ने कहा कि सरकार कुर्सी बचाने के लिए किसानों की कुर्बानी देने से भी नहीं चूक रही है। वर्तमान में पंजाब का किसान बुरे दौर से गुजर कर आत्महत्या कर रहा है लेकिन सरकार भ्रष्ट अफसरों को बचाने में लगी हुई है।
उन्होंने अकाली-भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि 7 अक्तूबर 2015 को 33 करोड़ के नकली कीटनाशक दवाओं का मामला सामने आया था। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज होता है। उन्होंने कहा कि यह मामला डिप्टी सीएम की होम सिटी बठिंडा का है। आज 9 माह बीत जाने के बाद भी इस मामले में चालान तक पेश नहीं किया गया है। इस मामले में न तो कोई पर्चा दर्ज हुआ और न ही कोई कार्रवाई की गई है।
जाखड़ ने आरोप लगाया कि इस मामले में पकड़े गए आरोपियों को सरकार बचाने की कोशिश में लगी है। उन्होंने कहा कि सरकार को डर है कि अगर इन आरोपियों पर कार्रवाई हुई तो उनकी कई परतें, जो इस मामले के साथ जुड़ी हैं, खुलनी शुरू हो जाएंगी। जाखड़ ने कहा कि इस मामले में सरकार आरोपियों के साथ खुद और मंत्री तोता सिंह का बचाव कर रही है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में 7 अक्तूबर शाम को ही डिप्टी सीएम मंत्री तोता सिंह को क्लीन चिट दे देते हैं। यही नहीं मुख्यमंत्री का बयान भी 9 अक्तूबर को आता है, जिसमें वह इस मामले में क्लीन चिट दे देते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से इन जैसे आरोपियों को बचाने का खामियाजा सीधे तौर पर किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
जाखड़ ने कहा कि सफेद मक्खी की वजह से किसानों की फसलें तबाह हो रही हैं। इन नकली कीटनाशक की वजह से किसानों की फसल सफेद मक्खी से बच नहीं पाती। एसवाईएल के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जो इस्तीफे की बात कही है वह बिल्कुल ठीक है।