दूसरी बार पंजाब की बागडोर संभालने के बावजूद भी मुख्यमंत्री न तो टेल के गांवों तक सिंचाई और न ही पीने के लिये पानी पहुंचा सके। अब करोड़ों रुपये खर्च करके उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल हरीके वेट लैंड में पानी की बसे चलाकर जल क्रियाएं करने का शौक पूरा कर रहे हैं। यह बातें कांग्रेसी उम्मीदवार सुनील जाखड़ ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान कहीं।
जाखड़ ने कहा कि अब जब भाजपा नेता आपसे वोट मांगने आएंगे तो उनसे पूछना कि अबोहर में पीने के पानी की सप्लाई को सुचारु करने पंजाब सरकार से जारी करवाए 12.70 करोड़ रुपये आज तक खर्च क्यों नहीं हुए। आज शहर निवासियों को सीवरेज युक्त पीने का पानी मिल रहा है तो उसके लिए आरोपी नगर परिषद् पर काबिज भाजपा नेता है।
जाखड़ ने कहा कि ग्रामीण विकास के झूठे दावे करने की होड़ अकाली-भाजपा नेताओं में लगी हुई है। जमीनी हकीकत यह है कि एक तरफ सेमग्रस्त गांवों के किसान परेशान है और दूसरी ओर टेल पर आबाद गांवों तक सिंचाई और पीने के लिये पानी की समस्या पहले की तरह ही बरकरार है।
यूपीए सरकार के समय प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह ने 2240 करोड़ रुपये पंजाब में सेम के खात्मे के लिये जारी किए थे। मुख्यमंत्री ने सारा पैसा संगत दर्शन के बहाने लुटा दिया। यूपीए सरकार के समय किसानों को फसलों का उचित मूल्य न मिलने का शोर मचाने वाले अकाली नेता एनडीए सरकार के गठन के बाद चुप्पी साध गए हैं।