गांव औलख में कर्ज से परेशान एक नौजवान किसान लखवीर सिंह (35) ने सोमवार रात कीटनाशक दवा पीकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के अनुसार लखवीर सिंह पर करीब 8 लाख रुपये का कर्ज था और खेतीबाड़ी में ज्यादा फायदा न होने की वजह कर्ज लगातार बढ़ता ही जा रहा था।
पारिवारिक सदस्यों के अनुसार कुछ समय पहले उसकी माता कैंसर की चपेट में आ गई थी और इलाज पर लाखों खर्च करने के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका था जिसके चलते लखवीर सिंह और परेशान रहने लगा। लखवीर सिंह ने आत्महत्या करने से पहले सुसाइड नोट भी लिखा जिसमें उसने अपने परिवार को सलाह दी कि उसे इलाज के लिए अस्पताल न लेकर जाए क्योंकि वह कीटनाशक की इतनी अधिक मात्रा सेवन करने जा रहा है जिससे वह बच नहीं सकेगा।
इस मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस ने लखवीर सिंह के शव को कब्जे में लेकर उसका फरीदकोट के गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल से पोस्टमार्टम करवाया और उसे वारिसों के हवाले कर दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी व दो नाबालिग बच्चों को छोड़ गया था।
मालूम हो कि जिला फरीदकोट में महज 20 दिन के भीतर ही किसी किसान के खुदकुशी करने का यह तीसरा मामला सामने आया है। इससे पहले गांव नत्थलवाला व मोरांवाली में कर्ज के चलते एक एक किसान खुदखुशी कर चुके है।