आठ नए मामलों के साथ कुल गिनती 179 पहुंची, अमृतसर 86 मामलों के साथ नंबर एक पर
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाब में वीरवार को फिर पराली जली। आठ नए मामलों के साथ कुल गिनती 179 हो गई। पराली के लगातार जलने से वीरवार को पंजाब के तीन शहरों का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 100 के पार पहुंच गया। मंडी गोबिंगढ़ का एक्यूआई 122, पटियाला का 101 और अमृतसर का 105 दर्ज किया गया। यह मध्यम श्रेणी में है, लेकिन डाॅक्टरों के मुताबिक, इस एक्यूआई में फेफड़ों, अस्थमा और दिल के रोगों से पीड़ित मरीजों को सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। जबकि बुधवार को मंडी गोबिंदगढ़ का एक्यूआई 85, पटियाला का 92 और अमृतसर का 79 दर्ज किया गया था। वहीं वीरवार को जालंधर का एक्यूआई 72, खन्ना का 76, लुधियाना का 72 दर्ज किया गया।
वीरवार को पंजाब में पराली जलाने के आठ मामले हुए, जिनमें से सबसे अधिक तीन मामले जिला अमृतसर से, दो गुरदासपुर, एक जालंधर और दो तरनतारन से रहे। वहीं अगर बीते दो साल की बात करें, तो आज के ही दिन साल 2023 में पराली जलाने के रिकाॅर्ड 105 मामले हुए थे। साल 2022 में 79 मामले हुए थे। पंजाब में 15 सितंबर से लेकर अब तक पराली जलाने के कुल 179 मामले हो गए हैं। जबकि साल 2023 में इस समय अवधि में 561 और साल 2022 में 350 मामले हुए थे। इस बार पराली जलाने में 86 मामलों के साथ जिला अमृतसर पहले नंबर पर है। 26 मामलों के साथ जिला तरनतारन दूसरे नंबर पर, फिरोजपुर व गुरदासपुर में 11-11 मामले, कपूरथला में 16 मामले, संगरूर में छह, एसएएस नगर में पांच, मालेरकोटला, फाजिल्का, मालेरकोटला, फतेहगढ़ साहिब व एसबीएस नगर में 1-1, जालंधर में 9, लुधियाना में 2 मामले सामने आ चुके हैं।
15 सितंबर से अगर अब तक के आंकड़ों को देखें तो पहले दिन पंजाब में पराली जलाने के 11 केस सामने आए थे। हालांकि 16 सितंबर को पंजाब में कहीं भी पराली नहीं जलाई गई, लेकिन 17 को पांच मामले, 18 को दो मामले और 19 को कोई भी केस रिपोर्ट नहीं हुआ था। 20 सितंबर को 13 मामले, 21 को सबसे अधिक 21 मामले, 22 को 11 और 23 सितंबर को छह, 24 को 12, 25 को 12, 26 को पराली जलाने के 5 मामले हुए थे। 27 व 28 सितंबर को पराली के मामले शून्य रहे। 29 सितंबर को 21 मामले, 30 सितंबर को शून्य, 1 अक्तूबर को 26 व 2 अक्तूबर को 16 मामले हुए।