मिनिस्टीरियल कर्मचारियों की कलम छोड़ हड़ताल वीरवार को तीसरे दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने बैठक कर अगले संघर्ष की रूपरेखा भी तैयार की। इस दौरान कर्मचारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
मिनिस्टीरियल कर्मचारी एक जनवरी से बकाया पड़ा 23 माह का भत्ता देने, नई भर्ती के समय बीते साल 15 जनवरी का प्राथमिक वेतन देने का फैसला वापस लेने, छठे वेतन आयोग को गठित करके महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत मर्ज करने की मांग कर रहे हैं।
यूनियन नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगों पर राज्य सरकार विचार-विमर्श नहीं करती उनका संघर्ष जारी रहेगा। इस दौरान जिला अध्यक्ष करमजीत शर्मा, महासचिव वरिंदर ढोसीवाल, हरजिंदर सिंह, मनदीप भंडारी, सुखजिंदर सिंह खालसा, खुशहाल सिंह, सुरिंदर कुमार, जसपाल बजाज मौजूद थे।