पराली जलने से उठने वाला धुआं कोरोना वायरस से प्रभावित मरीजों की सेहत पर बुरा प्रभाव डाल सकता है। धुएं के कारण मरीजों की सेहत और खराब हो सकती है। किसानों से अपील है कि वह पराली न जलाएं, बल्कि सरकार की तरफ से सब्सिडी पर उपलब्ध मशीनों का प्रयोग करके पराली का सही इस्तेमाल करें। यह बात डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने कही। उन्होंने कहा कि पराली किसानों के कईतरीकों से काम आ सकती है। जरूरत है तो किसानों को इस मामले में जागरूक होने की। दूसरी तरफ जिले में चल रही धान की खरीद के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जिले में खरीद एजेंसियों ने सभी 149 मंडियों में लाई गई गई 7,49,556 मीट्रिक टन फसल में से 93.51 प्रतिशत की खरीद व लिफ्टिंग कर ली है। कुल 700925 मीट्रिक टन धान की लिफ्टिंग की जा चुकी है। जालंधर इस मामले में दूसरे स्थान पर रहा है। डीसी ने अधिकारियों को आदेश दिए कि वह मंडियों में फसल आने के 72 घंटे के अंदर लिफ्टिंग व खरीद में किसानों की हर तरह से सहायता करें।