पठानकोट में पकड़े गए पिंजरे में बंद तोते।
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पठानकोट। वन्य जीव विभाग की टीम ने शुक्रवार को पक्षी तस्करों की बड़ी साजिश को नाकाम किया। विभाग की टीम ने पक्षी तस्कर को गिरफ्तार कर 6 पिंजरों में बंद 285 तोते बरामद किए हैं। विभाग का दावा है कि पंजाब में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में तोते बरामद किए गए हैं।
बरामद तोते शुक्रवार शाम को जम्मू-कश्मीर भेजे जाने थे। वन विभाग की टीम ने उससे पहले ही आरोपी को दबोच लिया। आरोपी की पहचान बिहार के जिला दरभंगा के गांव जमालपुर निवासी मोहम्मद गुलाल के तौर पर हुई है। उसका साथी मनप्रीत फरार है। डीएफओ राजेश महाजन ने बताया कि आरोपी पर पिछले 7-8 दिन से नजर रखी जा रही थी। शुक्रवार को पटेल चौक स्थित पड्डा कांप्लेक्स की तीसरी मंजिल पर छापा मारकर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। वहां से 285 तोते बरामद किए गए। तोतों को 6 पिंजरों में रखा गया था। आरोपी को चीफ जुडीशियल मजिस्ट्रेट कंवलदीप सिंह की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को 30 नवंबर तक के लिए जेल भेज दिया है।
जालंधर पक्षी तस्करों का हब
डीएफओ राजश महाजन ने बताया कि जालंधर इस समय तोते समेत अन्य पक्षियों की तस्करी का हब बन चुका है। आरोपी से पूछताछ में कुछ सुराग हाथ लगे हैं। अब पक्षी तस्कर पठानकोट को केंद्र बनाकर जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में पक्षियों की तस्करी करना चाहते हैं। पकड़े गए तोते यूपी से तस्करी कर लाए गए हैं। डीएफओ के मुताबिक यूपी और बिहार से आने वाले लोग अपने बैगों में 5 से 10 तोते छुपाकर लाते हैं और उन्हें पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में बेचते हैं। उन्होंने कहा कि तोते एलेक्सड्रिन पैराकीट (लाल पंखों वाले) और रोज रिंग्ड पैराकीट (गले में लाल धारी वाले) नस्ल के हैं। आरोपी सस्ते में तोते खरीदकर 2 से 5 हजार रुपये में बेचते हैं। डीएफओ ने बताया कि इन नस्लों के तोते की मांग काफी ज्यादा है।
तोता खरीदने पर सजा और जुर्माने का प्रावधान
डीएफओ राजेश महाजन ने बताया कि हर पक्षी को आजाद रहने का अधिकार है। पक्षी बेचने और खरीदने पर सजा का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि तोते पालने के शौकीन लोग भारी कीमत चुकाने को तैयार रहते हैं। घर से उक्त प्रजाति के तोते बरामद होने और बेचते पाए जाने पर 3 वर्ष की कैद या 25 हजार जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले 2 लोगों से 85 तोते बरामद किए जा चुके हैं।