शहीदी जागृति यात्रा 14 नवंबर को शहीद अस्थान गुरुद्वारा सीसगंज दिल्ली से रवाना होगी, धन धन साहिब श्री गुरु तेग बहादुर जी भाई मती दास जी भाई सती दास जी और भाई दयाला जी का 350वां शहीदी पर्व 25 नवंबर को पूरे विश्व में बड़े स्तर पर मनाया जा रहा है।
शहीदी जागृति यात्रा 14 नवंबर को शहीद अस्थान गुरुद्वारा सीसगंज दिल्ली से रवाना होगी, धन धन साहिब श्री गुरु तेग बहादुर जी भाई मती दास जी भाई सती दास जी और भाई दयाला जी का 350वां शहीदी पर्व 25 नवंबर को पूरे विश्व में बड़े स्तर पर मनाया जा रहा है। विभिन्न संगठन और समाज अपने-अपने स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। विभिन्न शहरों से नगर कीर्तन भी निकल रहे हैं।
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ख तालमेल कमेटी, गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा गुरुदेव नगर नई दाना मंडी, शहीद जागृति यात्रा 14 नवंबर शुक्रवार शाम 7 बजे गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा गुरुदेव नगर नई दाना मंडी से रवाना होगी। इस यात्रा के लिए लग्जरी बसों का इंतजाम किया गया है। सभी गुरुधामों के दर्शन करने के बाद यह यात्रा 15 नवंबर को रात 8 बजे दिल्ली से शुरू होगी।
राजिंदर सिंह मिगलानी, तजिंदर सिंह परदेसी, हरप्रीत सिंह नीटू, सतपाल सिंह सिद्दीकी, परमप्रीत सिंह विट्टी, गुरविंदर सिंह नगीन ने बताया कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य सिख परिवारों को गुरु साहिब के शहीदी स्थल के दर्शन करवाना है, जहां गुरु साहिब ने भारत की ढाल बनकर हिंदू धर्म की रक्षा की थी। उन्होंने कहा कि हमारी आने वाली पीढ़ी को सिख इतिहास, गुरु साहिब जी, भाई मतिदास, भाई सती दास, भाई दयाला जी और भाई लखी शाह वंजारा के बलिदान से अवगत कराना चाहिए। भाई लखी शाह वंजारा का घर जहां गुरु साहिब के शरीर का अंतिम संस्कार किया गया था और जहां गुरुद्वारा रकाब गंज सुशोभित है, उसे भी श्रद्धालुओं को दिखाया जाएगा। श्रद्धालुओं के सामने सिख इतिहास से रूबरू कराया जाएगा। जो लोग इस यात्रा में शामिल होना चाहते हैं वे सिख तालमेल कमेटी के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं या गुरुद्वारा श्री सिंह साहिब गुरुदेव नगर दाना मंडी में संपर्क कर सकते हैं। यात्रा पर केवल वे ही जा सकते हैं जिन्होंने सीटें बुक करवाई हैं क्योंकि यात्रा बहुत लंबी है और बसों में सीमित सीटें हैं और कोई भी केवल बैठकर ही जा सकता है। इस मौके पर प्रभजोत सिंह खालसा सुखजीत सिंह रणजीत सिंह राज नगर हरमनजोत सिंह बठला प्रीतम सिंह बंटी राठौड़ पारस सिंह प्रदीप सिंह लक्की धीमान मौजूद रहे।