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पोलैंड की बजाय सात माह अर्मीनिया में बिठाए रखा, 10 लाख ठगे

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पोलैंड भेजने का झांसा देकर ट्रेवल एजेंट ने एक व्यक्ति को सात माह तक अर्मीनिया में बिठाकर 10 लाख रुपये की रकम ठग ली। अर्मीनिया से मुश्किल से व्यक्ति भारत पहुंचा तो ट्रेवल एजेंट रकम वापस करने के बजाय धमकियां देने लगा। थाना सुभानपुर में जालंधर के आरोपी ट्रेवल एजेंट के खिलाफ धोखाधड़ी और मानव तस्करी का केस दर्ज कर लिया है।
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पुलिस को दी शिकायत में नवीन कुमार निवासी नडाला ने बताया कि उसका नडाला स्थित निजी स्कूल के मास्टर बलदेव राज के पास आना जाना था। स्कूल मालिक ने उसे ट्रेवल एजेंट रमन कुमार निवासी मान सिंह नगर, लद्देवाली जालंधर रोड रामा मंडी के बारे में बताया कि रमन लोगों को वैध तरीके से पोलैंड भेजता है। उसने रमन सिंह के पोलैंड जाने के बारे में बातचीत की तो सौदा 8.50 लाख रुपये में तय हो गया। वह रमन के घर अपना पासपोर्ट और 1.5 लाख रुपये लेकर गया और उसे दे दिए। फिर उसके पिता बलदेव ने समय-समय पर रमन के खाते में रकम ट्रांसफर करके करीब कुल 8.86 लाख रुपये दे दिए।
इसके अलावा 2000 डॉलर भारतीय करेंसी में बदलवाकर उसे 1.39 हजार रुपये नकद दिए। इसके बाद रमन ने उसे पोलैंड के बजाय अर्मीनिया की फ्लाइट करवा दी और बोला कि अर्मीनिया से 15 दिन बाद पोलैंड भिजवा देगा। लेकिन इसके बाद तो उसने अर्मीनिया से एजेंट को फोन किया तो उसने कॉल रिसीव करना बंद कर दिया। बाद में उसके पिता एजेंट से मिसते तो उसने विश्वास दिलाया कि बहुत जल्द नवीन को अर्मीनिया से पोलैंड भिजवा देगा, लेकिन ऐसा करते-करते सात माह बीत गए और उसका वीजा भी खत्म होने लगा। इस पर उसने एक बार तो वीजा की डेट आगे बढ़वा ली, लेकिन फिर भी एजेंट रमन ने उसे पोलैंड नहीं भेजा। फिर उसने किसी तरह टिकट के लिए पैसों का बंदोबस्त करके भारत वापस आ गया। जब वह भारत लौटकर अपने पिता के साथ ट्रेवल एजेंट रमन कुमार को रकम वापस करने के लिए दबाव डाला तो वह धमकियां देने लग पड़ा।
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