पवित्र काली बेईं की कारसेवा के माध्यम से सफाई करके विश्व पटल पर धूम
मचाने वाले संत बलबीर सिंह सीचेवाल के मॉडल को गंगा क्लीन अभियान के लिए
चुनने का असर पंजाब में भी दिखने लगा है।
राज्य सरकार भी संत
सीचेवाल के गांव सीचेवाल में देसी ट्रीटमेंट प्लांट से गंदे पानी के निकासी
प्रबंधों के मॉडल को अडाप्ट करने की तरफ कदम बढ़ाने लगी है। मुख्यमंत्री
प्रकाश सिंह बादल के प्रिंसिपल सचिव एसके संधू ने प्रशासनिक अधिकारियों के
साथ जालंधर और कपूरथला में संत सीचेवाल के देसी ट्रीटमेंट प्लांट का जायजा
लिया है।
प्रिंसिपल सचिव ने जालंधर और सुल्तानपुर लोधी की पवित्र
काली बेईं का अवलोकन करने के बाद कहा कि सीचेवाल मॉडल को राज्य सरकार
ग्रामीण क्षेत्रों के गंदे पानी के निकासी प्रबंधों के तौर पर अडाप्ट करना
चाहती है। इसकी पूर्ति के लिए सीएम प्रकाश सिंह बादल के आदेश पर ही वह
पवित्र काली बेईं प्रोजेक्ट का रिव्यू करने आए हैं। उन्होंने कहा कि
सीचेवाल मॉडल सस्ता और आसान होने के कारण वह संत सीचेवाल को पंजाब के
गांवों में इसे लागू करने का निमंत्रण देते हैं।
संत सीचेवाल ने
ट्रीटेड पानी के खेती के लिए इस्तेमाल किए जाने का प्रोसेस दिखाते हुए कहा
कि अगर इस फार्मूले को राज्य के 12500 गांवों में लागू किया जाए तो किसान
आर्थिक तौर पर सुदृढ़ हो सकता है। इससे पहले प्रिंसिपल सचिव ने बस्ती
पीरदाद वाला 50 एमएलडी का ट्रीटमेंट प्लांट भी देखा और कमियों को दूर करने
के लिए निर्देश दिए।
केंद्र पहले ही चुन चुकी है...
सीचेवाल
मॉडल को केंद्र सरकार पहले ही गंगा क्लीन के उद्देश्य से नदी किनारे वाले
1625 गांवों में लागू करने के उद्देश्य से चुन चुकी है। इस दौरान डीसी
जालंधर केके यादव, डीसी कपूरथला डीएस मांगट, एसएसपी कपूरथला राजिंदर सिंह,
पीपीसीबी चेयरमैन मनप्रीत सिंह छतवाल, पीपीसीबी के सदस्य बाबू राम, निगरान
इंजीनियर संदीप बहल, एसडीएम सुल्तानपुर लोधी चारुमिता, डीडीपीओ बलराज सिंह,
संत सुखजीत सिंह, सुरजीत सिंह शंटी, गुरविंदर सिंह बोपाराय और सरपंच
सीचेवाल राजवंत कौर मौजूद थे।