रेल कोच फैक्टरी कपूरथला स्थित गैस प्लांट, जिसका सेफ्टी ऑडिट किया गया।
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आंध्रप्रदेश के विशाखापत्तनम में गैस रिसाव हादसे के मद्देनजर रेल कोच फैक्टरी (आरसीएफ) में गैस प्लांट का सेफ्टी ऑडिट किया गया है। जीएम रवींद्र गुप्ता के निर्देश पर ऑडिट में एलपीजी प्लांट, एलपीजी पाइपलाइन, कार्बन डाईऑक्साइड गैस प्लांट और कार्बन डाईऑक्साइड गैस पाइपलाइन का गहन निरीक्षण हुआ। इसमें सभी ज्वाइंट्स में लीकेज चेक की गई और दोनों प्लांट की पाइपलाइन को बारीकी से परखा गया।
रेल कोच फैक्टरी के जनसंपर्क अधिकारी जितेश कुमार ने बताया कि आरसीएफ में एलपीजी के 50 मीट्रिक टन की क्षमता वाले दो गैस प्लांट हैं तथा इसकी पाइपलाइन की लंबाई दो किलोमीटर है। एलपीजी प्लांट के ऊपर एक ऑटो स्प्रिंकलर सिस्टम लगा हुआ है, जहां से तापमान के 40 डिग्री से बढ़ने पर पानी अपने आप बरसना शुरू हो जाता है। ऑडिट के चलते इस यंत्र की चेकिंग की गई। एलपीजी गैस प्लांट में फाइव चैनल एलपीजी मॉनिटरिंग सिस्टम लगा हुआ है, जहां से लीकेज होने पर अलार्म बजने लगता है। सेफ्टी के मद्देनजर एलपीजी प्लांट में हर समय एक टेक्नीशियन और रेलवे सुरक्षा बल के जवान की ड्यूटी रहती है और लॉक डाउन के चलते भी यह ड्यूटी निर्विघ्न जारी रही। इस समय एलपीजी गैस पाइप लाइन को बदलने का काम भी जारी है। हाल ही में 13 किलोमीटर लंबी कंप्रेस्ड एयर पाइपलाइन को भी एल्युमीनियम पाइपलाइन में बदला गया है। डाईऑक्साइड गैस प्लांट की क्षमता 30 मीट्रिक टन है। इसका भी सावधानीपूर्वक निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि आरसीएफ के एंट्री गेट में दाखिल होने वालों की थर्मल स्क्रीन स्मार्ट कैमरे से जांच की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है। इससे आरसीएफ में प्रवेश करनेवाले सभी लोगों की स्क्रीनिंग की जा सकती है, उनके चेहरे और शरीर के तापमान का विवरण हार्ड डिस्क में देखकर सेव किया जा सकता है। यह स्मार्ट बॉडी टेेंपरेचर स्क्रीनिंग कैमरा लगने से समय से बचत होगी। भारतीय रेल में इस सिस्टम का हाल में प्रयोग किया गया है।