शहर की टूटी सड़कें बनाने के लिए नगर निगम करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है,
मगर निर्माण में प्रयोग होने वाली क्वालिटी पर अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे
रहे हैं।
जालंधर बस स्टैंड से किंग होटल की बैक साइड वाली सड़क का निर्माण
24 मई को हुआ था। महज सवा महीना बीत जाने के बाद ही टूटने लगी है। इस सड़क
को बनाने का कांट्रैक्टर निगम नेे भूषण छुहरा एंड कंपनी को करीब 68 लाख
रुपये में दिया था। ठेकेदार को बस स्टैंड से लेकर किंग होटल की बैक साइड तक
दोनों तरफ लुक डालने का काम करना था। सड़क की एक साइड पर सीवरेज डालने का
काम चल रहा था, इसलिए निगम ने ठेकेदार को बोल कर शुरुआत में ही एक सड़क का
निर्माण करवा दिया। सड़क पर डाली गई बजरी लुक का साथ छोड़ती जा रही है।
ठेकेदार की ओर से बनाई गई एक साइड की सड़क पर अब तक करीब 34 लाख रुपये का
खर्चा हुआ होगा। दूसरी सड़क का निर्माण सीवरेज डालने के बाद किया जाना है।
निगम
अधिकारियों की ओर से इस सड़क पर डाले गए मैटीरियल की जांच नहीं की गई थी।
निगम अधिकारियों के अनुसार सड़क की साइड पर सीमेंट की सड़क न बनाए जाने से
गाड़ियों के सड़क पर उतरते और चढ़ते समय सड़क साइड से टूटी है। इसे ठेकेदार
की ओर से ही ठीक करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ठेकेदार ने लुक तो डाल दी
थी, मगर प्रि-मिक्चर का काम नहीं किया था। इस वजह से सड़क की साइड पर बनी
रोड गलियों पर सीमेंट नहीं डाला जा सका।
अधिकारियों ने नहीं लिए रोड के सैंपल
निगम
अधिकारियों, डिप्टी कमिश्नर और लोकल बॉडी की ओर से जालंधर में बन रही नई
सड़कों के सैंपल लिए गए थे, लेकिन बस स्टैंड की किंग होटल की बैक साइड पर
बनी सड़क का सैंपल नहीं लिया गया था। शहर की बाकी जगहों से लिए सैंपल पास
हुए थे, मगर इस रोड को बनाने में कोताही बरती गई। इस वजह से सड़क एक माह
पूरा करने के बाद ही टूटने लगी है।
एक-दो दिनों में शुरू होेगा काम : डोगरा
नगर
निगम के बीएंडआर के एक्सईएन रजनीश डोगरा ने कहा कि एक-दो दिनों में काम
शुरू करवा दिया जाएगा। जैसे ही भूषण छुहड़ा प्री-मिक्चर का काम पूरा करता
है, उसके बाद सड़क की साइड में सीमेंट डलवाने के काम को पूरा करवा दिया
जाएगा।
बीएंडआर में होनी चाहिए सीबीआई जांच : राजा
नगर निगम
के पार्षद एवं सीनियर कांग्रेसी नेता जगदीश राज राजा ने कहा कि सड़क बनाते
समय घटिया मैटीरियल का इस्तेमाल किया गया है। इसलिए यह कुछ समय के बाद ही
टूटने लगती है। बस स्टैंड के अलावा बहुत सारी सड़केें ऐसे हैं, जो समय सीमा
पूरी किए बिना ही टूट चुकी हैं। उन्होंने कहा कि निगम के बीएंडआर विभाग
में फैले भ्रष्टाचार को दूर करने के लिए सीबीआई जांच होनी चाहिए।