15 अगस्त से पहले पंजाब को दहलाने की साजिश नाकाम हुई है। पंजाब में बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ है। 1.3 किलो हाई एक्सप्लोसिव आईईडी के साथ मुख्य ऑपरेटिव गिरफ्तार हुआ है। आईएसआई समर्थित नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की गई है।
स्वतंत्रता दिवस से पहले पंजाब में बड़े आतंकी हमले की साजिश को पंजाब पुलिस ने नाकाम कर दिया। काउंटर इंटेलिजेंस जालंधर और जालंधर देहात पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थित बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए उसके मुख्य ऑपरेटिव को गिरफ्तार किया है।
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आरोपी के कब्जे से 1.3 किलोग्राम हाई एक्सप्लोसिव से तैयार इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बरामद हुई है। पुलिस का कहना है कि समय रहते की गई कार्रवाई से बड़े स्तर पर जनहानि की साजिश विफल हो गई।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सतबीर सिंह निवासी गांव पड़ियाना, आदमपुर (जालंधर) के रूप में हुई है। उसके कब्जे से काले रंग की प्लेटिना मोटरसाइकिल (पीबी-08-ईटी-6736) भी बरामद की गई है।
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पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि काउंटर इंटेलिजेंस को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि बीकेआई से जुड़ा एक सक्रिय सदस्य अपने विदेशी हैंडलरों के निर्देश पर विस्फोटक सामग्री लेकर आने वाला है। इसके बाद काउंटर इंटेलिजेंस और जालंधर देहात पुलिस ने गांव ढंडौर के पास संयुक्त नाकाबंदी की।
जांच के दौरान सतबीर सिंह को रोककर उसके बैग की तलाशी ली गई जिसमें आईईडी बरामद हुई। डीजीपी ने बताया कि आईईडी में बड़ी मात्रा में लोहे के छर्रे और बॉल बेयरिंग भरे गए थे जिससे साफ है कि इसे अधिकतम जनहानि पहुंचाने और राज्य में दहशत फैलाने के उद्देश्य से तैयार किया गया था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी विदेश में बैठे आईएसआई समर्थित बीकेआई हैंडलरों के निर्देश पर काम कर रहा था। पुलिस अब पूरे आतंकी नेटवर्क के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक खंगाल रही है।
थाना पतारा में भारतीय न्याय संहिता की धारा 113(1) और 113(3), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4 और 5 तथा शस्त्र अधिनियम की धारा 25(1बी)(ए) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी से पूछताछ जारी है।
विदेशी हैंडलर्स से लेकर स्थानीय मददगार तक की जांच
पुलिस यह पता लगा रही है कि विदेश में बैठे कौन से हैंडलर्स इस मॉड्यूल को संचालित कर रहे थे। साथ ही स्थानीय स्तर पर आरोपी को किसने शरण, वित्तीय मदद और अन्य लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराई इसकी भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की हर कड़ी तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।
विस्फोटक कहां से आया और निशाना क्या था
जांच का फोकस इस बात पर भी है कि आईईडी पंजाब तक कैसे पहुंची और इसका इस्तेमाल किस स्थान पर किया जाना था। पुलिस सप्लाई चेन, वित्तीय लेनदेन और अन्य सहयोगियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और इस साजिश से जुड़े अन्य आरोपियों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।