फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैदियों ने रची जेल में एसपी की हत्या की साजिश

Thu, 09 Jan 2014 09:56 PM IST
अमर उजाला, कपूरथला
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले की माडर्न जेल में कुछ कैदियों द्वारा एसपी (जेल) की हत्या की साजिश रचे जाने का समय रहते खुलासा होने से बड़ी वारदात बच गई।
विज्ञापन


जेल प्रशासन ने हालांकि कुछ राहत की सांस ली है लेकिन जेल के भीतर ही अधिकारी की हत्या का प्लान बनने और इस काम के लिए जेल में हथियार भी पहुंच जाने से जेल प्रशासन सकते में है।

बीते सप्ताह जेल प्रशासन को जैसे ही इस साजिश की भनक लगी, तुरंत बैरकों की तलाशी ली गई और साजिश रचने वाले तीन दुर्दांत कैदियों के पास से कई हथियार बरामद हुए। जेल प्रशासन ने तुरंत इसकी जानकारी एडीजीपी (जेल) आरपी मीना को दी, जिन्होंने आदेश जारी तीनों आरोपी कैदियों को पंजाब की विभिन्न जेलों में शिफ्ट कर दिया गया।
विज्ञापन


जेल प्रशासन ने अभी तक आरोपी कैदियों के विरुद्ध कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं कराया है। फिलहाल मामले की गहन जांच की जा रही है। साजिश रचने वाले कैदियों में दो उम्रकैदी हैं। पूरी घटना की पुष्टि माडर्न जेल के अतिरिक्त जेलर विक्रमजीत सिंह पांथे ने की है।

उन्होंने बताया कि कुछ समय से माडर्न जेल प्रशासन ने कैदियों को अनुशासन में रखने के लिए सख्त रवैया अपनाया हुआ है। माडर्न जेल में रोजाना चेकिंग अभियान के दौरान जेल प्रशासन ने जहां कैदियों के गुपचुप मोबाइल इस्तेमाल पर रोक लगा थी, वहीं जेल में मादक पदार्थों की आमद पर भी रोक लग गई थी।

जेल प्रशासन ने मादक पदार्थ जेल में लाने के मामले में एक एएसआई सहित कई आरोपियों के खिलाफ थाना कोतवाली में मामला भी दर्ज कराया है। कैदियों को जेल प्रशासन की यह कार्रवाई अच्छी नहीं लगी और कुछ कैदियों ने एसपी (जेल) विक्रमजीत सिंह पांथे को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। उम्रकैदी जसवीर जस्सी और सुरिंदर के साथ पांच साल की सजा काट रहे परमजीत सिंह पम्मा ने पांथे पर हमला बोलने की साजिश रची। लेकिन इस साजिश की भनक अधिकारियों को अन्य कैदियों से मिल गई। अधिकारियों ने इसकी जानकारी अतिरिक्त जेलर विक्रमजीत को दी।

उन्होंने पूरी जानकारी लेने के लिए आरोपियों को पकड़ने के लिए जेल में जाल बिछाया। इस बात की पूरी जानकारी हासिल कर ली गई कि कैदी किस समय, कहां पर और किन हथियारों से हमला करेंगे। ऐन मौके पर अधिकारियों ने आरोपी कैदियों के बैरकों की तलाशी ली और वहां छिपाए हथियार, लोहे के रॉड आदि बरामद कर लिए।
विज्ञापन


मामले की जानकारी एडीजीपी (जेल) आरपी मीना को दी गई। उन्होंने तीनों कैदियों को बठिंडा, फरीदकोट और नाभा की विभिन्न जेलों में अलग-अलग शिफ्ट करने के आदेश जारी कर दिए। साथ ही जेल प्रशासन को पूरे मामले की जांच रिपोर्ट भेजने को कहा है।



विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें