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मिलकर आवाज उठाएं ताकि गलतियां न हों: पाटिल

Sun, 27 Dec 2015 09:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
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युवाओं को यूनाइटेड नेशंस का महत्व समझाने के लिए लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में शनिवार को तीन दिवसीय इंदिरा गांधी नेशनल मॉडल यूनाइटेड नेशंस कांफ्रेंस (इगनमन) का शुभारंभ किया गया।
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कांफ्रेंस की संरक्षक नई दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने प्रथम सत्र की शुरुआत की। पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री व पंजाब के पूर्व गवर्नर शिवराज पाटिल मुख्य अतिथि थे। पंजाब की पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल गेस्ट ऑफ आनर थीं। मुख्य मंच पर एलपीयू के चांसलर अशोक मित्तल, प्रो. चांसलर रश्मि मित्तल भी आसीन थे। इगनमन के फाउंडर चेयरमैन गौतम सेठ, प्रेसीडेंट अभिमन्यु मौर, महासचिव शौर्य शूर ने कांफ्रेंस का संयोजन किया।

कांफ्रेंस के दौरान प्रत्येक प्रतिनिधि को अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर बेहतरीन सूझबूझ प्राप्त करने के लिए यूनाइटेड नेशंस मॉडल में बढ़-चढ़कर भाग लेना होगा। इस कांफ्रेंस का आयोजन एलपीयू अपने कैंपस के विभिन्न विभागों में 28 दिसंबर तक करेगा। इसमें 1000 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
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देश भर से आए प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए शीला दीक्षित ने कहा कि कांफ्रेंस का लक्ष्य इस संसार को हम सभी के रहने के लिए एक बेहतर स्थान बनाना है। उन्होंने कहा कि जब से यूनाइटेड नेशंस की नींव रखी गई है, इसने बहुत सी सफलताएं प्राप्त की हैं और विश्व भर के सभी राष्ट्र को मिल बैठकर आपसी वाद-विवाद सुलझाने व अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की ओर अग्रसर किया है।

पाटिल ने कहा हमें अपने नजरिए को विस्तृत करना होगा और संसार भर में एक आवाज उठानी होगी, जिससे गलतियां करने वाले अपने आप ठीक हो जाएंगे। हमें अपने कर्तव्यों का निर्वाह अच्छी तरह से करना चाहिए, ताकि न केवल हमारे देश अपितु समूचे विश्व, यहां तक कि अंतरिक्ष में भी बेहतरी हो सके। उन्होंने लोगों के मौलिक अधिकारों, पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति भी प्रेरित किया।

भारत के लोकतंत्र की प्रशंसा करते हुए उन्होंने देश के पार्लियामेंट की कारगुजारी के बारे में भी साझा किया। औरतों के समान अधिकारों के बारे में विचार रखते हुए शीला दीक्षित ने कहा महिलाओं में शक्ति, सहनशीलता, साहस व सहानुभूति बहुतायत में होती है। पूरी तरह से समान अवसर मिलने पर महिलाएं एक बेहतर संसार की संरचना बड़ी आसानी से कर सकती हैं।
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