बहुजन समाज पार्टी के नेताओं द्वारा नेशनल हाईवे पर जाम लगाने का मामला अब हाईकोर्ट तक पहुुंच गया है।
वकीलों की एक संस्था एसोसिएशन ऑफ लायर्स फॉर सोशल जस्टिस के सदस्यों ने पंजाब एंड हरियाणा के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे ऐसे प्रदर्शनों पर रोक लगाएं, जिससे आम नागरिकों को दिक्कत होती है। वहीं भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने भी एक एनजीओ का गठन कर पुलिस कमिश्नर के समक्ष यह मामला उठाने के लिए वीरवार को रणनीति तैयार की है।
शुक्रवार को भाजपा नेता रवि महेंद्रू, नवल किशोर कंबोज, सुदर्शन मोंगिया कमिश्नर ईश्वर सिंह से मुलाकात करेंगे और उनसे बसपा नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे। एसोसिएशन ऑफ लायर्स फॉर सोशल जस्टिस के सदस्य एडवोकेट हरमिंदर संधू, सुखदीप औलख, विकास खन्ना, राजविंदर आदि ने पत्र लिखकर मुख्य न्यायाधीश से मांग की है कि वे प्रशासनिक अधिकारियों को ऐसे प्रदर्शनों पर रोक लगाने के लिए निर्देश जारी करें।
मंगलवार को नेशनल हाईवे पर बसपा ने धरना दिया, धरने के लिए कुछ दिन पहले चेतावनी भरी प्रेस वार्ता जालंधर में की गई। इसमें प्रकाश जंडाली, प्रकाश भारती, सुखविंदर कोटली समेत अन्य नेता थे। मंगलवार को प्रदर्शन हुआ, नेशनल हाईवे जाम हुआ।
अभी पहचान ही नहीं हुई : एसएचओ
थाना सात के एसएचओ सुखदेव सिंह का कहना है कि आरोपियों की अभी पहचान नहीं हुई है। पहचान करने की कोशिश की जाएगी। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर रखा है। 72 घंटे बीत जाने के बाद पुलिस उन लोगों की पहचान नहीं कर पाई है, जिनसे ज्ञापन लिया गया था।