पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी (पीटीयू) ने डिस्टेंस एजुकेशन प्रोग्राम (डीईपी) में सुधार करने का फैसला किया है। अगर पीटीयू का यह प्रयास सफल होता है तो अगले पेपरों में नकल करना आसान नहीं होगा।
यही नहीं विद्यार्थियों पर नजर रखने के लिए उड़न दस्ते भी बराबर ड्यूटी देंगे। नई योजना के मुताबिक इलेक्ट्रानिक्स ढंग से पेपर सेंटर पर महज एक घंटा पहले ही पहुंचेंगे। यूनिवर्सिटी के अधिकारियों का कहना है कि इससे पेपर लीक होने की संभावनाएं भी खत्म हो जाएंगी। यह योजना आगामी पेपरों में चलाई जाएगी। तेज गति वाले प्रिंटरों से पेपर प्रिंट किया जाएगा। पेपर पर केंद्रीय तौर पर एक अनोखा बार-कोड भी दिया जाएगा।
पीटीयू के वाइस चांसलर डॉ. रजनीश अरोड़ा ने बयान जारी कर बताया कि सेंटर पर निगाह रखने के लिए सभी राज्यों के डीजी को परीक्षा केंद्र की सिक्योरिटी के लिए भी लिख दिया गया है। पुलिस सुनिश्चित करेगी कि परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्रों के आसपास के क्षेत्र शांतिपूर्ण और अनुशासित कायम रखा जा सके।
पर्यवेक्षकों और उड़न दस्ता टीमों को प्रत्येक केंद्र पर जाने के लिए आदेश दे दिए गए हैं। वे यह सुनिश्चित करेंगे कि परीक्षा निष्पक्ष हो। सभी परीक्षा केंद्र के कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। परीक्षा के लिए अध्ययन सामग्री (एसआईएमएस) को वेबसाइट पर उपलब्ध करवा दिया गया है। नतीजे की घोषणा के 15 दिन के बाद ही कॉलेज और शिक्षा केंद्र में डिग्री उपलब्ध करवा दी जाएगी।
इस तरह छात्रों को कहीं और पर आवेदन करने के लिए प्रोविजनल डिग्री लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। छात्र दस्तावेजों के लिए इलेक्ट्रानिक्ली आवेदन कर सकते हैं और यूनिवर्सिटी भी इन दस्तावेजों को इलेक्ट्रानिक्ली ही प्रदान कर सकती है।