अक्सर लोग लालच में प्लेट में खाना ज्यादा रख लेते हैं और पूरा खाना नहीं खाते हैं। इससे खाने की बर्बादी होती है।
लोगों
को खाने की अहमियत से रूबरू करवाने और बर्बादी रोकने के लिए सीटी ग्रुप ऑफ
इंस्टीट्यूशंस ने एक कारगर कदम उठाया है। ग्रुप ने होटल प्रेजिडेंट के
साथ करार किया है। इस करार के तहत प्लेट में खाना खत्म करने वाले मेहमानों
को आभार सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
इसकी शुरूआत मंगलवार को होटल
प्रेजिडेंट से की गई, जिसमें सीटी ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर मनबीर सिंह
और द प्रेजिडेंट ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर कुणाल सभ्रवाल उपस्थित हुए।
इसके साथ ही द प्रेजिडेंट न्यू कोर्ट और होटल डाउन टाउन में भी यह अभियान
आरंभ हो गया। एक रिपोर्ट के मुताबिक विश्व भर में 44 हजार करोड़ रुपये का
खाना हर साल बेकार होता है। भारत में लाखों लोगों को रोजाना भूखे पेट सोना
पड़ता है। खाने की बर्बादी रोक लिए जाने पर विश्व भर में किसी भी व्यक्ति
को भूखे पेट नहीं सोना पड़ेगा।
कुणाल सभ्रवाल ने कहा कि भोजन की
बर्बादी रोकने के लिए लोग अभी जागरूक नहीं है। लोगों को जागरूक करने के लिए
ऐसी योजनाएं काफी सहायक सिद्ध होती है। उन्होंने कहा कि बुफे दौरान कोई
लिमिट न होने के कारण लोग प्लेट में ज्यादा खाना भर लेते हैं, जबकि उनसे वह
सारा कुछ खाया नहीं जाता है। मनबीर सिंह ने कहा कि सीटी ग्रुप ने खाने की
बर्बादी रोकने के लिए आशा प्रोजेक्ट चलाया है। यह अभियान भी उसी के अधीन
आता है। हम लोगों को जागरूक कर रहे हैं, ताकि खाने की बर्बादी को रोका जा
सके।