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नार्वे से रची थी ससुर ने दामाद को मरवाने की साजिश

Mon, 25 Nov 2013 11:07 PM IST
अमर उजाला, जालंधर
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बीते 20 नवंबर को रेलवे ठेकेदार के बेटे कर्णवीर सिंह पर गोली चलाने की घटना का खुलासा करते हुए स्थानीय डिवीजन नंबर सात की पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
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हमला नार्वे से सुपारी अदा करके करवाया गया था, जिसमें ससुर ने अपने दामाद को सबक सिखाने के लिए सुपारी अदा की थी। पुुलिस को वारदात में इटली के एनआरआई की तलाश है, जिसके लिए छापामारी की जा रही है। उसकी गिरफ्तारी के बाद कई अहम खुलासे होने की संभावना है।

एडीसीपी सिटी-दो परमिंदर सिंह भंडारी, एसीपी माडल टाउन मनप्रीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि अर्बन अस्टेट में सिटी स्कवेयर कार्यालय में हथियारबंद युवकों ने हमला किया कर वहां बैठे रेलवे ठेकेदार हरमिंदर सिंह के बेटे कर्णवीर सिंह की गोली मारकर हत्या की कोशिश की गई थी।
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एक फायर मिस हो गया था जबकि दूसरा कर्णवीर को लग नहीं पाया था। पुलिस ने संदीप सिंह पुत्र मोहिंदर सिंह निवासी रूक्कन शान फि रोजपुर, मंगल सिंह निवासी साधू शाह फिरोजपुर, हमनदीप सिंह निवासी साधू शाह, पवन कुमार व कुलविंदर काका निवासी चब्बेवाल होशियारपुर को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से एक दोनाली 12 बोर, दो देसी कट्टे व चार राउंड बरामद किए गए।

ऐसी बनी थी योजना
एडीसीपी भंडाल व एसीपी ढिल्लों ने बताया कि रेलवे ठेकेदार हरमिंदर सिंह के दो बेटे हैं। एक कर्णवीर सिंह जालंधर में कारोबार की देखरेख करता है जबकि दूसरा बेटा विक्रम सिंह नार्वे में रहता है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक विक्रम सिंह के ससुर दलजीत सिंह होशियारपुर के बिजरावर चब्बेवाल के रहने वाले हैं और नार्वे में फूलों का कारोबार करते हैं। विक्रम सिंह ने नार्वे में जाकर ससुर के साथ पहले फूलों का कारोबार किया, फिर अपना काम अलग शुरू कर लिया। परिवार में खटास बढ़ने लगी। विक्रम दो साल से पत्नी से अलग रहने लगा और तलाक का केस वहां पर चलने लगा।

ससुर दलजीत सिंह अपने दामाद विक्रम को सबक सिखाना चाहता था, इसलिए उसने नार्वे में ही रहने वाले जसबीर सिंह से बात की। जसबीर और दलजीत सिंह दोनों बिजरावर गांव चब्बेवाल के रहने वाले हैं। जसबीर सिंह ने इटली में रहने वाले अपने दोस्त पुरषोत्तम लाली से इस बाबत बात की। लाली ने कहा कि वह इंडिया 2 नवंबर को जा रहा है, वहां पर वह विक्रम का काम करवा देगा। दामाद विक्रम भी इन दिनों नार्वे से अपने घर इंडिया आया हुआ था।

एसीपी ढिल्लों ने बताया कि पुरषोत्तम लाली इटली से भारत पहुंचा और उसने फिरोजपुर के रहने वाले गुरमेल सिंह से इस बारे में बात की कि जालंधर में नार्वे से विक्रम आया हुआ है, जिसका काम तमाम करना है। गुरमेल सिंह ने फिरोजपुर में बदमाश गुरजंट सिंह भट्टी, संदीप सिंह, रमनदीप सिंह, मंगल सिंह व लाडी से विक्रम सिंह की हत्या के कांट्रेक्ट की बात की। सौदा डेढ़ लाख में तय हो गया और संदीप सिंह को पेशगी 70 हजार अदा कर दिए गए।

घटना वाले दिन लाली भी जालंधर पहुंच गया और उसने अपने चालक पवन व कुलविंदर सिंह काका को वारदात स्थल पर निगरानी के लिए तैनात कर दिया। संदीप का गिरोह फिरोजपुर से जालंधर पहुंचा। लाली व पवन कुमार ने कर्णवीर सिंह व उसके भाई विक्रम सिंह के कार्यालय का पूरा नक्शा तैयार करके संदीप सिंह को थमा दिया। गुरजंट सिंह, लाडी, हरमन सिंह व मंगल सिंह हथियार लेकर कार्यालय में चले गए। वहां पर विक्रम सिंह तो नहीं था बल्कि कर्णवीर सिंह बैठा था। लाडी ने देसी कट्टे से जो गोली चलाई, वह मिस कर गई जबकि गुरजंट ने जो गोली चलाई वह कुर्सी से टकराकर निकल गई। इसके बाद हमलावर भाग निकले।

ऐसे पहुंची पुलिस गिरोह तक
एडीसीपी भंडाल व एसीपी ढिल्लों ने बताया कि बदमाश जब कार में फरार हुए तो एक कोठी के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में उनके चेहरे, गाड़ी का नंबर तक आ गया। फुटेज में पवन कुमार व कुलविंदर काका का चेहरा साफ हो गया, उन्होंने ही वारदात स्थल की निगरानी कर बदमाशों को सूचना दी थी। पवन कुमार अपने मालिक पुरषोत्तम लाली के साथ अकसर रेलवे ठेकेदार हरमिंदर सिंह के कार्यालय आता जाता रहता था, जिनको कर्णवीर व हरमिंदर सिंह ने पहचान लिया। पुलिस ने पवन को काबू किया तो उसने फिरोजपुर के गुरजंट गैंग के बारे में सारी जानकारी पुलिस को दी।

लाली इंडिया में ही, एयरपोर्ट को एलओसी जारी
पुरषोत्तम लाली इन दिनों इटली से भारत आया हुआ था और वह वारदात के बाद अंडरग्राउंड हो गया है। उसकी तलाश की जा रही है। एसीपी ढिल्लों ने बताया कि आरोपी लाली इस वारदात का मुख्य सूत्रधार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी को सूचना भेजकर लुक आउट कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया गया है ताकि वह विदेश भाग न सके।
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