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पंजाब कांग्रेस में कलह: नए प्रभारी की नियुक्ति के बाद बढ़ी रार, कपूरथला विधायक खुलकर आए राजा वड़िंग के खिलाफ

Sat, 22 Feb 2025 10:31 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर

सार

पंजाब के कई सीनियर कांग्रेसी नेताओं ने हाईकमान से कहा था कि सूबे के कांग्रेस प्रभारी दविंदर यादव व प्रदेशाध्यक्ष राजा वड़िंग को बदला जाए। यह मांग पिछले नवंबर-2024 में की गई थी। तीन माह बाद सूबे के प्रभारी यादव को बदलकर भूपेश बघेल को जिम्मेदारी दी गई है। अब पंजाब प्रधान को भी बदले जाने की तैयारियां चल रही हैं।
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अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और प्रताप सिंह बाजवा भूपेश बघेल के साथ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी भूपेश बघेल अगले सप्ताह पंजाब आएंगे। उनके दौरे की सूचना के बाद ही पार्टी में प्रधान बदलने की चर्चाओं को लेकर सियासत गरमा गई है। 

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जानकारी के अनुसार बघेल पहले पार्टी नेतृत्व व पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और वर्ष 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति भी तैयार करेंगे। साथ ही वह प्रदेश का दौरा करेंगे और पार्टी को मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेंगे।

वहीं बघेल की नियुक्ति के बाद पार्टी के भीतर जंग शुरू हो गई है। सबसे ज्यादा कपूरथला से विधायक राणा गुरजीत सिंह और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बीच ठन गई है। जहां राणा गुरजीत सिंह ने तीखा हमला करते हुए कहा है कि वड़िंग चेहरे पर नकली मुस्कान लेकर चलते हैं। वहीं, उनकी आनंदपुर साहब से सीट कटवाने में राजा की भूमिका थी। साथ ही राजा वड़िंग ने कहा कि जो नेता चैनलों पर पार्टी के खिलाफ बोलते हैं वह अनुशासन भंग कर रहे हैं। वड़िंग की बात को समझा जाए तो राणा गुरजीत सिंह को पार्टी नोटिस भी जारी कर सकती है। 

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चन्नी भी वड़िंग से दूर

इन सबके बीच दिलचस्प बात यह है कि पूर्व सीएम चन्नी ने अपनी ताल ठोक दी है। वह भी राजा वड़िंग से दूरी बनाकर चल रहे हैं। चन्नी भी राज्य की सियासत में दोबारा सीएम की कुर्सी पर नजर लगाकर बैठे हैं। पार्टी का नया प्रधान कौन होगा? इसको लेकर असमंजस की स्थिति है लेकिन पार्टी का प्रधान बदला जाएगा यह तय है। इसको लेकर मंथन भी चल रहा है।

हाईकमान के सामने हाजिरी लगाने में जुटे नेता

ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने हाल ही में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री बघेल को पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति के बाद से ही पंजाब कांग्रेस में बड़े बदलाव की चर्चा चल रही है। साथ ही प्रधान बदलने को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली में जाकर हाईकमान के समक्ष हाजिरी लगानी भी शुरू कर दी है। साथ ही वह नये प्रभारी से भी मिल रहे हैं। प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और प्रताप बाजवा हाल ही में दिल्ली जाकर आए हैं। उनके बाद कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और विधायक परगट सिंह ने भी दिल्ली जाकर प्रभारी से मुलाकात की। कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि वह भूपेश बघेल से मिलकर आएं हैं और वो अगले सप्ताह पंजाब में आएंगे। इस दौरान सभी पदाधिकारियों के साथ मुलाकात करेंगे। फिलहाल उन्होंने पार्टी के नेतृत्व को बदलाव को लेकर कोई बात नहीं की है।

वहीं भूपेश बघेल का कहना है कि फिलहाल उनकी नियुक्ति हुई है। सबसे पहले वह पंजाब आकर सभी नेताओं से मुलाकात करेंगे और फीडबैक लेंगे। उसके बाद ही आगे बढ़ेंगे, ताकि पार्टी को स्थानीय स्तर पर और मजबूत करने के लिए काम शुरू किया जा सके। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को 9 अप्रैल 2022 में पंजाब कांग्रेस का प्रधान नियुक्त किया गया था। पार्टी में कई नेता प्रधान बनने के लिए जोर लगा रहे हैं, जिसके चलते पिछले कुछ समय से पार्टी में गुटबाजी भी बढ़ गई है।
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2027 विस चुनाव की तैयारी शुरू

2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी अभी से ही शुरू कर दी है। इस चुनाव में पार्टी कम से कम 60-70 नए चेहरों पर दांव लगाएगी। प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने यह बात कही है। राणा गुरजीत सिंह आनंदपुर साहब से लोकसभा टिकट मांग रहे थे लेकिन आखिरी वक्त पर उनका टिकट कट गया। हालांकि राणा गुरजीत सिंह खुद कांग्रेस से कपूरथला के विधायक हैं जबकि उनका बेटा राणा इंद्रप्रताप सिंह सुलतानपुर लोधी से आजाद विधायक हैं।

दमदार चेहरे पर लगेगा दांव

पार्टी किसी ऐसे दमदार चेहरे को आगे लाना चाहती है जिसका शहरी वर्ग के अलावा कारोबारी समुदाय, किसानों, दलितों के बीच अच्छा गहरा प्रभाव हो। लिहाजा, कई नेता दौड़ में चल रहे हैं। इसी चक्कर में राणा गुरजीत सिंह ने वड़िंग को घेरना शुरू कर दिया है। वहीं, राजा वड़िंग ने भी राणा के विरोधी विधायक सुखपाल खैहरा की पीठ थपथपानी शुरू कर दी है। यह किसी से छिपा नहीं है कि विधायक सुखपाल सिंह खैहरा और राणा गुरजीत सिंह के बीच कई साल से राजनीतिक दुश्मनी चल रही है।
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