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पंजाब में भाजपा नेता अरविंद शर्मा निष्कासित: फोटो डिलीट के विवाद के बाद कार्रवाई, पीएसओ की शिकायत की थी

Wed, 02 Sep 2026 02:55 PM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर

सार

अरविंद शर्मा का दावा है कि उन्होंने पार्टी के लिए एक कर्मठ कार्यकर्ता के रूप में लगातार काम किया है और संगठन को मजबूत करने के लिए जमीन स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाई है। उनकी सक्रियता और पार्टी में बढ़ती भूमिका से कुछ नेता असहज महसूस कर रहे थे और इसी कारण उनके खिलाफ कार्रवाई का माहौल तैयार किया गया।
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भाजपा पंजाब प्रधान केवल ढिल्लों के साथ अरविंद शर्मा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब भाजपा में एक बार फिर अंदरूनी विवाद सामने आया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता अरविंद शर्मा को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। उनके खिलाफ पार्टीविरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, अरविंद शर्मा ने इस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका तक नहीं दिया गया और उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की गई।

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दरअसल एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल ढिल्लों के साथ बातचीत कर रहे अरविंद शर्मा की तस्वीर उनके एक सहयोगी ने मोबाइल फोन से खींच ली। शर्मा का आरोप है कि केवल ढिल्लों के साथ तैनात एक पीएसओ ने उनके सहयोगी का मोबाइल फोन अपने हाथ में लिया और उसमें से तस्वीरें डिलीट करवा दीं। शर्मा के मुताबिक, केवल कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें हटाने के बजाय मोबाइल की गैलरी से अन्य तस्वीरें और सामग्री भी डिलीट करवा दी गई।

पीएसओ के व्यवहार पर जताई आपत्ति
अरविंद शर्मा ने बताया कि जब उनके सहयोगी ने उन्हें मोबाइल से तस्वीरें डिलीट किए जाने की जानकारी दी तो उन्होंने पीएसओ के इस व्यवहार पर कड़ा विरोध जताया। उनका कहना था कि यदि कार्यक्रम की किसी विशेष तस्वीर पर आपत्ति थी तो केवल वही तस्वीर हटाई जानी चाहिए थी। पूरे मोबाइल की गैलरी से तस्वीरें डिलीट करवाना उचित नहीं था, क्योंकि उसमें परिवार की निजी तस्वीरों के अलावा महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य व्यक्तिगत सामग्री भी मौजूद थी।
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शर्मा के अनुसार, उन्होंने इस पूरे मामले को पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल ढिल्लों के सामने भी मजबूती से उठाया और उनसे शिकायत की। उनका कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि पीएसओ के व्यवहार की जांच होगी और उचित कार्रवाई की जाएगी, लेकिन इसके विपरीत कार्रवाई उनके खिलाफ ही हो गई।

अरविंद शर्मा का कहना है कि जिस मामले में उन्होंने पार्टी नेतृत्व के समक्ष शिकायत की थी, उसी मामले में अंततः उन्हें ही पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि पार्टी के लिए लंबे समय से मेहनत और निष्ठा से काम करने वाले कार्यकर्ता के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है।

शर्मा का दावा है कि उन्होंने पार्टी के लिए एक कर्मठ कार्यकर्ता के रूप में लगातार काम किया है और संगठन को मजबूत करने के लिए जमीन स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाई है। उनका आरोप है कि उनकी सक्रियता और पार्टी में बढ़ती भूमिका से कुछ नेता असहज महसूस कर रहे थे और इसी कारण उनके खिलाफ कार्रवाई का माहौल तैयार किया गया।

अरविंद शर्मा की आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी के साथ व्यक्तिगत मित्रता भी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है। शर्मा का कहना है कि गढ़ी के साथ उनकी निजी मित्रता को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। उनका दावा है कि पार्टी में उनकी भूमिका और उनके काम को इस व्यक्तिगत संबंध से जोड़ना उचित नहीं है।

‘मेरा पक्ष तक नहीं सुना गया’
अरविंद शर्मा ने कहा कि किसी भी अनुशासनात्मक कार्रवाई से पहले संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि पार्टी ने न तो उनसे पूरे घटनाक्रम को लेकर विस्तार से बात की और न ही उन्हें अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया।

उन्होंने कहा कि यदि पार्टी को उनके खिलाफ किसी प्रकार की शिकायत थी या पार्टीविरोधी गतिविधियों में शामिल होने का कोई आरोप था, तो उन्हें बुलाकर पूछा जाना चाहिए था कि उनका पक्ष क्या है। लेकिन ऐसा किए बिना ही निष्कासन का फैसला कर दिया गया।


अरविंद शर्मा के निष्कासन के बाद उनके समर्थकों और पार्टी से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। सवाल यह उठाया जा रहा है कि क्या मोबाइल से फोटो डिलीट कराने के मामले में शिकायत करने के बाद पैदा हुए विवाद का निष्कासन से कोई संबंध है या फिर पार्टी के पास शर्मा के खिलाफ पार्टीविरोधी गतिविधियों से जुड़े अलग और ठोस कारण मौजूद थे।


फिलहाल भाजपा की ओर से अरविंद शर्मा के निष्कासन को लेकर लगाए गए आरोपों और पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत सार्वजनिक स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है। ऐसे में इस विवाद का अगला रुख पार्टी नेतृत्व की सफाई और अरविंद शर्मा के अगले कदम पर निर्भर करेगा।


अरविंद शर्मा ने स्पष्ट किया है कि वह इस कार्रवाई को स्वीकार करने के बजाय पूरे मामले को सार्वजनिक रूप से उठाएंगे और पार्टी नेतृत्व के सामने अपना पक्ष रखने की मांग करेंगे।

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