पंजाब भाजपा के प्रभारी और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी शनिवार को जालंधर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा देश की सबसे बड़ी पार्टी है और एक नेता के चले जाने से पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने साफ किया कि भाजपा नशे के खिलाफ जंग लड़ रही है और ड्रग केस में 10 साल की सजा काट चुके पुरुषोत्तम लाल सोंधी को पार्टी में शामिल नहीं किया गया है।
वार्ता के दौरान विजय रुपाणी ने कहा कि मोहिंदर भगत के पिता जनसंघ से जुड़े रहे और भाजपा में उन्होंने सेवा की, पार्टी उनका सम्मान करती है लेकिन एक नेता के जाने से वेस्ट विधानसभा में पार्टी का कैडर खत्म नहीं हो जाता क्योंकि नेता नहीं वोटर भाजपा का आधार हैं। हम पीएम मोदी और केंद्र सरकार के विकास, योगी सरकार के यूपी में सुशासन और भाजपा की लोक हितैषी योजनाओं के जरिये चुनाव मैदान में उतरेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले 9 साल तक जालंधर में कांग्रेस का सांसद था लेकिन विकास बिल्कुल नहीं दिखता, केंद्र से स्मार्ट सिटी के लिए आया पैसा कहां लगा सांसद ने ये भी नहीं पूछा।
यह भी पढ़ें : Operation Amritpal: कपूरथला के वकील को NIA ने किया डिटेन, अमृतपाल से जुड़ी सामग्री सोशल मीडिया पर की थी शेयर
2022 के विधानसभा चुनावों ने आम आदमी पार्टी ने लोक लुभावन वादों, नशे के खात्मे, इंडस्ट्री का विकास और लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने के वादों पर लड़ा और सरकार बनते ही काम उसके उलट हुए। आज पंजाब की जवानी नशे के दलदल में फंसती जा रही है, व्यापारी परेशान हैं, आए दिन धमकियां मिलती हैं और ना देने पर गोलियां मार दी जाती हैं। हम बदलाव के लिये आए हैं। मोदी है तो मुमकिन है।
उन्होंने कहा कि हमें मौका मिला तो हम एक साल में जालंधर का कायाकल्प कर देंगे, भ्रष्टाचार खत्म कर जिले को विकास के पथ पर ले आएंगे। भाजपा उम्मीदवार रिंकू अटवाल जमीन से जुड़े नेता हैं। भाजपा लोगों के विश्वास पर खरी उतरेगी। इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री और उपचुनाव प्रभारी सोम प्रकाश, पंजाब प्रधान और चुनाव सह प्रभारी केवल सिंह ढिल्लों, पंजाब प्रधान अश्वनी शर्मा, पूर्व कैबिनेट मंत्री मनोरंजन कालिया और जालंधर प्रधान सुशील शर्मा और अन्य उपस्थित थे।
स्मार्ट सिटी के 900 करोड़ की जांच के लिये केंद्र को कहा हैः अश्वनी शर्मा
वार्ता के दौरान पंजाब भाजपा प्रधान अश्वनी शर्मा ने कहा कि जालंधर में स्मार्ट सिटी का 900 करोड़ से अधिक का पैसा आया, पर शहर में कोई विकास नहीं हुआ। केंद्रीय मंत्री भी जालंधर दौरे पर आये और स्मार्ट सिटी के पैसों में गबन की बात कही लेकिन जांच अब तक नहीं हुई, क्यों? जालंधर को सिर्फ नाम के लिए स्मार्ट सिटी कहा जाता है, शहर को विकसित करने के लिए जो पैसा आया वो कहां गया। पंजाब की शराब पॉलिसी भी दिल्ली की तरह हैं और इसकी आंच जल्द पंजाब के नेताओं तक पहुंचेगी। उन्होंने स्मार्ट सिटी के पैसे में हेरफेर और शराब पॉलिसी के खिलाफ जांच के लिए केंद्र को लिखा है।