पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए गए सिख नेताओं और गोलीकांड में मारे युवकों के विरोध में 23 नवंबर को पंजाब बंद की घोषणा कर दी गई है।
यह एलान पंथक जत्थेबंदियों की ओर से अकाल तख्त के बनाए गए कार्यकारी जत्थेदार ध्यान सिंह मंड ने किया है। कुछ दिन पहले जब मंड को अदालत में पेश किया गया था तो उनकी ओर से उस दिन ही 23 नवंबर को बंद की घोषणा कर दी गई थी।
वहीं अब पंथक जत्थेबंदियों का कहना है कि इस दौरान बाजार या कोई भी संस्थान बंद नहीं करवाए जाएंगे। इसमें यह कहा गया है कि इस विरोध के दौरान सड़कें जरूर जाम की जाएगी।
उन्होंने 23 नवंबर को बठिंडा में होने जा रही अकालियों की सद्भावना रैली को सिख विरोधी बताया है। उन्होंने इस रैली में किसी भी सिख के शामिल न होने की अपील की।
दूसरी तरफ 24 नवंबर को कॉलेज अध्यापिकाओं ने सामूहिक छुट्टी पर जाने का एलान कर दिया है। पंजाब और चंडीगढ़ के कॉलेज के लेक्चरर दिल्ली के जंतर मंतर में होने जा रही रैली में शामिल होंगे।
अध्यापकों का कहना है कि रैली के बाद मार्च निकालने के साथ-साथ गिरफ्तारियां भी दी जाएंगी।