पीड़ित परिवार व प्रर्दशनकारियों से बातचीत करते डीएसपी सिटी परमजीत सिंह।
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31 जनवरी को जुझार कंपनी की बस की चपेट में आने से एक प्रवासी गंभीर घायल हो गया था। दो फरवरी को उपचार के दौरान फरीदकोट में उसकी मौत हो गई। पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए वीरवार सुबह कुछ निहंग सिंह पीड़ित परिवार के साथ मृतक का शव लेकर मोगा के मेन जोगिंदर सिंह चौक में पहुंच गए। यहां शव को रखकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की गई और निहंगों ने तलवारें लहराई।
माहौल गर्माता और ट्रैफिक जाम लगता देख डीएसपी सिटी परमजीत सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि वह चार फरवरी को ही बस ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर चुके हैं और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार भी कर लेंगे। इस पर करीब 40 मिनट के प्रदर्शन के बाद धरनाकारियों ने धरना उठा दिया।
जानकारी के अनुसार 31 जनवरी को जोगिंदर सिंह चौक में ही जुझार कंपनी की बस ने साइकिल सवार सीता राम (28) निवासी मोगा को कुचल दिया था। फरीदकोट में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। तीन फरवरी को पुलिस ने सीता राम की पत्नी सवित्रा देवी के बयान पर आरोपी बस चालक सुखचैन सिंह निवासी गुरु रामदास नगर मोगा के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया था।
फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। वीरवार को धरने के दौरान डीएसपी सिटी ने पीड़ित परिवार और धरनाकारियों को भरोसा दिलाया कि जल्द ही पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर लेगी और कोशिश की जाएगी कि पीड़ित परिवार को आरोपी पक्ष से मुआवजा भी दिलाया जा सके ताकि चार बच्चों समेत पीड़ित महिला अपना गुजारा चला सके।