मुक्तसर के सरकारी कॉलेज की छत पर चढ़कर प्रदर्शन करते विद्यार्थी।
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परीक्षा नजदीक आते ही कॉलेज मैनेजमेंट की ओर से दलित विद्यार्थियों को पुरानी फीस भरने का दबाव डालने पर सोमवार को गुस्साए विद्यार्थी कॉलेज की छत पर जा चढ़े।
उन्होंने कॉलेज मैनेजमेंट के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पंजाब स्टूडेंट यूनियन के नेतृत्व में संघर्ष कर रहे विद्यार्थियों ने कहा कि पहले कॉलेज मैनेजमेंट ने पोस्ट स्कॉलरशिप स्कीम के अधीन दलित विद्यार्थियों की फीस माफ कर दी थी।
अब परीक्षा नजदीक आने पर सरकारी आदेश होने का कहकर पुरानी फीस भरने के लिए दबाव डाला जा रहा है। फीसों की अदायगी न करने पर कॉलेज से नाम काटने की भी धमकियां दी जा रही है। यूनियन के जोनल नेता गगन संग्रामी व गुरविंदर हराज ने बताया कि कॉलेज के पीटीए फंड से 70 हजार दफ्तर की सजावट के लिए खर्च किए गए हैं, वह विद्यार्थियों के फंड से लिए हैं।
उनका यह भी आरोप था कि प्रिंसिपल जसवीर बोपाराए खुद कॉलेज नहीं आते, सिर्फ फोन पर ही तानाशाही आदेश जारी करते रहते हैं। विद्यार्थियों ने चेतावनी देते कहा कि जब तक उनकी फीस माफ नहीं की जाती, उनका संघर्ष जारी रहेगा। विद्यार्थी सुबह 11 से लेकर दोपहर दो बजे तक छत पर चढ़े रहे।
थाना सिटी के प्रभारी अशोक कुमार की ओर 4 मई को डीसी के साथ बैठक कर मसला हल करने के दिए आश्वासन के बाद विद्यार्थी छत से नीचे उतरे। इस अवसर पर जगजीत सिंह, छिंदा मड़मलू, खुश अकालगढ़, जसवीर सराएनागा, बंटी बल्लमगढ़, सतनाम सिंह और संगीता रानी मौजूद थे।