नौकरी से निकाले गए राज्य भर के सुविधा कर्मियों ने मंगलवार को मिनी सचिवालय के समक्ष परिजनों समेत काली झंडियों के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान ही कर्मियों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। कर्मियों का संघर्ष 49वें दिन में दाखिल हो चुका है। सुविधा कर्मचारी रेगुलर करने की मांग कर रहे हैं।
कर्मचारियों ने कहा कि वह बीते 12 सालों से काम कर रहे थे, लेकिन उन्हें रेगुलर करने के बजाए सरकार ने नौकरी से निकाल दिया है। अब उनकी आयु सीमा भी गुजर चुकी है। उन्हें कहीं भी और नौकरी नहीं मिलेगी। वहीं राज्य सरकार ने उनका आर्थिक शोषण करने के साथ ही अब मानसिक शोषण भी शुरू कर दिया है। कर्मियों ने कहा कि इससे पहले उनके गिरफ्तार किए गए साथियों को रिहा किया जाए, ताकि वह बैठक में पहुंच सकें।
कर्मियों ने कहा कि अगर राज्य सरकार ने जल्द ही उन्हें रेगुलर करने के साथ ही गिरफ्तार किए गए साथी बिना शर्त रिहा नहीं किए तो वे संघर्ष को तीव्र करेंगे। इस दौरान कार्यकारी अध्यक्ष रेनू जिंदल, अमन कुमार, अवनीश कुमार, प्रदीप सिंह, इशा, रेनू बाला, दीपिका, आशीश, संजीव कुमार, सतीश कुमार, राजेश कुमार, परमजीत कौर, अनुराधा, पठानकोट और सौरव श्रीवास्तव मौजूद थे।