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खुरालगढ़ पहुंचे सांपला का विरोध, काले झंडे दिखाए

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गढ़शंकर में विजय सांपला का विरोध करते किसान। - फोटो : HOSHIARPUR
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भाजपा नेता व राष्ट्रीय एससी कमीशन के चेयरमैन विजय सांपला के गांव खुरालगढ़ पहुंचने पर किसान संगठनों के कार्यकर्ताओं व ग्रामीणों ने विरोध करते हुए काले झंडे दिखाए और कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की।
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इससे पहले विजय सांपला के खुरालगढ़ आने की सूचना मिलते ही अड्डा गांव झोनोवाल में विजय सांपला को काले झंडे दिखाने के लिए भारी संख्या में किसान एकत्रित हो गए। रूट बदले जाने की खबर पाकर किसान अड्डा झुंगियां पहुंच गए। वहां किसानों के पहुंचने की सूचना मिलने पर विजय सांपला वाया पोजेवाल होते हुए खुरालगढ़ साहिब पहुंचे। यहां पहुंचने पर गांव के किसान भाग सिंह अटवाल, सरपंच जसविंदर सिंह विक्की, मुख्खा, सुखदेव सिंह, बलजीत सिंह, दिलबाग सिंह सहित भारी संख्या में किसानों ने विजय सांपला का विरोध करते हुए काले झंडे दिखाए और कृषि कानून वापस लेने की मांग उठाई।
इसके बाद विजय सांपला गुरु रविदास जी के ऐतिहासिक तपोस्थल में माथा टेकने चले गए तो सूचना पाकर कुल हिंद किसान सभा के नेता गुरनेक सिंह भज्जल, सीटू के प्रादेशिक नेता महिंद्र बढ़ोयाण, गरीब दास बीटन, पंचायत समिति सदस्य मोहन लाल, नंबरदार काबुल सिंह, राम राणा, अमरीक बीटन, विंदर बीटन, रोशन लाल, राम लाल सहित अन्य किसान साथियों के साथ खुरालगढ़ साहिब पहुंच गए। जब विजय सांपला अपनी गाड़ी में सवार होकर जाने लगे तो सभी काले झंडे दिखाते हुए विजय सांपला वापस जाओ के नारे लगाते हुए गाड़ी के आगे आ गए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें रास्ते से हटाया।
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उधर श्री गुरु रविदास तपोस्थल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने सांपला को सिरोपा भी नहीं भेंट किया। जबकि गुरुद्वारा साहिब में आने वाले प्रमुख लोगों को सिरोपा दिया जाता है। गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष केवल सिंह चाकर ने पत्रकारों को बताया कि गुरुद्वारा के हेड ग्रंथी ने भी रोष जताया। उन्होंने कहा कि जब तक दिल्ली में श्री गुरु रविदास का तोड़ा गया मंदिर दोबोरा नहीं बन जाता और कृषि कानून रद्द नहीं किए जाते, तब तक किसी भी भाजपा नेता को सिरोपा नहीं दिया जाएगा। वहीं सांपला खुरालगढ़ में ही गुरु रविदास जी की चरणछोह प्राप्त खीर गंगा भी गए, जहां उन्हें सिरोपा दिया गया।
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