जालंधर में वीरवार से प्रॉपर्टी टैक्स लागू हो गया है। इसकी शुरुआत मेयर सुनील ज्योति ने अपने घर व फैक्टरी के चेक कमिश्नर मनप्रीत सिंह छतवाल को सौंपकर की।
जालंधर में करीब दो लाख रिहायशी व कामर्शियल प्रॉपर्टी पर टैक्स वसूलने का लक्ष्य रखा गया है। प्रॉपर्टी टैक्स को एकत्रित करने के लिए अभी नगर निगम के सुविधा सेंटर व माडल टाउन स्थित कार्यालय को मुख्य केंद्र बनाया गया है। 25 अक्तूबर के बाद नगर निगम के जोन कार्यालय के अलावा ऑनलाइन क्लेक्शन शुरू हो जाएगी।
मेयर सुनील ज्योति ने घोषणा की कि नवंबर से पहले जो लोग प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवा देंगे, उनको दस फीसदी छूट दी जाएगी। रिहायशी प्रॉपर्टी पर टैक्स वर्ग फीट के हिसाब से जबकि कामर्शियल पर सालाना किराए को ध्यान में रखकर अदा करना होगा। मेयर ने साफ किया कि चाहे नागरिक फ्लैट्स में रहते हों या फिर किसी कब्जे की जमीन पर, हरेक को टैक्स भरना जरूरी होगा। 2014 के जनवरी से ही टैक्स के साथ 25 फीसदी जुर्माना भी वसूला जाएगा।
अगर नागरिक ने मार्च 2014 तक टैक्स जमा नहीं करवाया तो जुर्माना 50 फीसदी होगा और उस पर 18 फीसदी सालाना ब्याज भी वसूला जाएगा।
यहां पर करें पूछताछ
प्रॉपर्टी टैक्स के लिए नागरिक कारपोरेशन के कार्यालय में कमरा नंबर 8, 72 व 83 में जाकर जानकारी हासिल कर सकते हैं।
हेल्पलाइन नंबर 0181-5021501 से कार्यालय के समय में भी जानकारी हासिल की जा सकती है।
इसके अलावा मोबाइल नंबर 99888-54825, 98152-22985, 98767-79999 पर जानकारी हासिल की जा सकती है।
अधिक जानकारी के लिए डब्लयूडब्लयूडब्लयू. जालंधर.इन और डब्लयूडब्लयूडब्लयू.एमसीजेप्रॉपर्टीटैक्स.इन पर टैक्स की रिटर्न के फार्म डाउनलोड किए जा सकते हैं।
हरेक नागरिक पर है विश्वास : मेयर
मेयर सुनील ज्योति ने कहा कि प्रॉपर्टी टैक्स एक इंकम टैक्स रिटर्न की तरह है, हर नागरिक पर उनको विश्वास है। लोग खुद अपनी ईमानदारी से भरकर जमा करवाएंगे, इसका उनको पूरा विश्वास है।
विकास पर खर्च होगा पैसा : कमिश्नर
जालंधर के कमिश्नर मनप्रीत छतवाल का कहना है कि प्रॉपर्टी टैक्स लागू हो गया है लेकिन हम वसूली के लिए खूंखार कुत्तों की तरह जनता के पीछे नहीं पड़ेंगे। यह पैसा विकास के लिए खर्च होगा, लोगों को चाहिए वे खुद आगे आकर टैक्स जमा करवाएं।
भाटिया मांगने लगे 30 रुपये वापस
सीनियर डिप्टी मेयर कमलजीत भाटिया ने अपना 570 रुपये टैक्स जमा करवाना था। उन्होंने फोटो खिंचवाने के लिए 600 रुपये संयुक्त कमिश्नर अनुपम क्लेर के हाथों में थमा दिए। बाद में ख्याल आया कि 30 रुपये कैसे वापस लेंगे, उन्होंने प्रेस वार्ता में अपने 30 रुपये मांगने शुरू कर दिए।
आजाद पार्षदों व कांग्रेसियों ने किया बायकाट
जालंधर नगर निगम में प्रॉपर्टी टैक्स का बायकाट कांग्रेसी, आजाद व बसपा पार्षद ने किया। कांग्रेसी तो मीटिंग में आए ही नहीं, आजाद पार्षद वहां से उठकर बायकाट कर चले गए।