प्रॉपर्टी टैक्स जमा न करवाने वाले लोगों के खिलाफ निगम प्रशासन कार्रवाई करने की तैयारी में जुट गया है। निगम प्रशासन की उम्मीद के अनुसार शहरवासियों ने खुद का बनता टैक्स जमा नहीं करवाया है।
निगम के रिकार्ड मुताबिक साल 2015-16 के प्रॉपर्टी टैक्स से निगम को 35 करोड़ तक इकट्ठा करने होंगे, मगर ऐसा नहीं हो पाया। निगम 22.65 करोड़ इकट्ठे कर पाया है, जबकि करीब 12 करोड़ का टैक्स अब भी शहरवासियों से वसूल करना बाकी है। आर्थिक मंदी से घिरे निगम प्रशासन ने शहरवासियों से बनता प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने के लिए सख्त रवैया अपना लिया है।
शहर के हर मोहल्ले में जाकर निगम इंस्पेक्टर प्रॉपर्टी का निरीक्षण करेंगे। अब टैक्स जमा न करवाने वाले लोगों के मौके पर ही चालान काट कर हाथों में थमाएंगे। इस हफ्ते से ही निगम इंस्पेक्टर मोहल्लों में जाकर इंस्पेक्शन का काम शुरू कर देंगे। शहर में ज्यादातर प्रॉपर्टी ऐसी हैं, जिनके मालिकों ने अब तक टैक्स जमा नहीं करवाया है।
इन लोगों के हाथों हाथ चालान की कापी थमाई जाएगी। वहीं निर्धारित समय पर टैक्स जमा करवाने वाले लोग राहत की सांस लेंगे, जबकि टैक्स न देने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा। नगर निगम के प्रॉपर्टी टैक्स विभाग के सुपरिंटेंडेंट राजीव ऋषि का कहना कि साल 2014-15 में 18.62 करोड़ का प्रॉपर्टी टैक्स और 2015-16 में 22.65 करोड़ टैक्स इकट्ठा हुआ है, मगर निगम प्रशासन कोे 35 करोड़ तक टैक्स आने की उम्मीद थी।
उन्होंने कहा कि कई लोगों ने अब तक टैक्स जमा नहीं करवाया है। इसलिए निगम ने ऐसे लोगों से टैक्स वसूलने को लेकर तैयारी कर ली है। प्रॉपर्टी टैक्स के तहत पूरे शहर को 20 ब्लॉक में बांटा गया है। इन सभी ब्लॉक में निगम इंस्पेक्टर हर मोहल्ले में जाकर इंस्पेक्शन करेगा।
उन्होंने कहा कि कामर्शियल जगहों के अलावा लोगों के घरों और मोहल्ले में बनी दुकानों तक की इंस्पेक्शन की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रॉपर्टी टैक्स का सारा रिकार्ड रजिस्टरों में दर्ज हैं, लेकिन अब यह सारा रिकार्ड कंप्यूटर पर चढ़ाने का काम तेजी से चल रहा है। सभी सालों के प्रॉपर्टी टैक्स के रिकार्ड को कंप्यूटर पर सेव कर दिया जाएगा। इससे हर एक प्रॉपर्टी का हिसाब रखना आसान होगा।