पंजाब की रोपड़ (रूपनगर) जेल में बुधवार को एक बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। कैदी की मौत के बाद जेल के अन्य कैदियों और बंदियों ने हंगामा कर दिया। बड़ी संख्या में कैदी भूख हड़ताल पर बैठ गए और जेल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। माहौल बिगड़ता देख जेल प्रशासन को जेल में पुलिस बल तैनात करना पड़ा। रूपनगर रेंज के आईजी और आईजी जेल समेत एसएसपी और डीसी भी जेल पहुंचे। मृतक की पहचान चरणप्रीत सिंह के तौर पर हुई है।
मृतक के परिवार ने आरोप लगाया है कि जेल कर्मियों द्वारा की गई की मारपीट से कैद की मौत हुई है। इस संबंध में न्यायिक अधिकारी भी जांच में जुट गए हैं।
मृतक चरणप्रीत सिंह मोहाली के कुब्बाहेड़ी का रहने वाला था और वह एनडीपीएस एक्ट के तहत 14 महीने से रोपड़ जेल में बंद था। चरणप्रीत का भतीजा अविनाश भी रोपड़ जेल में बंद था। अविनाश एक दिन पहले जमानत पर जेल से बाहर आया था। चरणप्रीत सिंह के भतीजे और परिवार के अन्य सदस्यों ने आरोप लगाया कि जेल में मोबाइल फोन की बरामदगी को लेकर जेल प्रशासन ने कुछ बंदियों की पिटाई की थी और चरणप्रीत की मौत का कारण भी यही था। मृतक के परिजन इस मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मृतक के भतीजे अविनाश ने आरोप लगाया कि जेल के अंदर अक्सर ड्रग्स और मोबाइल फोन मिलते हैं। ये सब जेल अधिकारी ही मुहैया कराते हैं। इसके लिए कैदियों से हजारों रुपये वसूलते हैं। बंदी की मौत और जेल में हंगामे की सूचना मिलने पर बंदी के अन्य परिजन भी जेल के बाहर पहुंच गए।
हंगामे के कारण बुधवार को हवलतिया की कोर्ट में मैन्युअल पेशी भी नहीं हो सकी। हालांकि पुलिस ने मृतक के शव को मोर्चरी में रखवा दिया है और कार्रवाई की जा रही है, लेकिन मृतक के परिजनों का गुस्सा अभी शांत नहीं हुआ है।
आईजी जेल आरके अरोड़ा ने बताया कि प्रारंभिक इलाज के बाद बंदी चरणप्रीत सिंह की तबीयत बिगड़ने पर जब उसे रूपनगर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले की न्यायिक जांच भी शुरू हो गई है, जिसमें सभी पहलू सामने आ जाएंगे।