जालंधर में प्लाट और कालोनियां वैध करवाने की अवधि में बढ़ोतरी के बाद मंगलवार को निगम दफ्तर में लोगों की भीड़ कम दिखाई दी। सोमवार को करीब 1400 एप्लीकेशन निगम के पास पहुंची थीं, मंगलवार 125 लोगों ने ही प्लाट वैध करवाने के लिए आवेदन किया है।
अभी तक निगम के पास करीब 13000 लोगों ने अपना प्लाट रेगुलर करवाने के लिए आवेदन किया है। इससे निगम को करीब 6.50 करोड़ रुपये का रेवन्यू मिला है।
अनधिकृत कालोनियों को रेगुलर करवाने के लिए राज्य सरकार ने अंतिम तिथि 25 अक्तूबर तक बढ़ा दी है। राज्य में करीब 5340 अवैध कालोनियां हैं।
शहर में कालोनियों की गिनती 323 है। कालोनियों को वैध करवाने के लिए आदेशों के बाद पुरानी अंतिम तिथि को 1500 लोगों ने आवेदन किया था। मंगलवार तक निगम ने करीब 3000 एनओसी जारी की हैं।
निगम के एसटीपी त्रिलोक सिंह का कहना है कि मंगलवार को निगम के पास 125 फाइलें पहुंची हैं और निगम ने 250 एनओसी जारी की है। उनके मुताबिक 52 कालोनाइजरों ने एनओसी के लिए आवेदन किया है। मंगलवार को एक कालोनाइजर ने आवेदन किया था और सोमवार को 26 कालोनाइजरों ने आवेदन किया।
1995 वाले प्लाट को भी देनी होगी फीस
निगम के एसटीपी त्रिलोक सिंह का कहना है कि सरकार ने 1995 से पहले बनी कालोनियों को रेगुलर करवाने में छूट दी है। इन प्लाट में अगर निर्माण हुआ है तो इसके लिए आवेदक को निर्माण रेगुलर करवाने के लिए 12.50 रुपए स्क्वेयर फुट फीस जमा करवानी होगी। अगर किसी व्यक्ति ने 2007 के बाद मकान खरीदा है, लेकिन उसके पास पहले खरीददार की 2007 से पहले का कोई सबूत है तो उसे राहत मिल सकती है। ऐसे आवेदक को 2007 के पहले की निर्धारित फीस देनी होगी।
आज नहीं जमा होंगे आवेदन
एसटीपी त्रिलोक सिंह के मुताबिक बुधवार को गुरु रामदास गुरुपर्व की छुट्टी है। इसलिए दफ्तर में छुट्टी रहेगी। इससे पहले निगम ने छुट्टी वाले दिन भी आवेदन लिए हैं। डीसी वरुण रुज्म ने लोगों की सहूलियत के लिए निगम को छुट्टी वाले दिन भी आवेदन लेने के आदेश दिए हैं और कर्मचारियों की छुट्टी रद्द की हैं। अब सरकार ने राहत दी है तो निगम के अधिकारियों ने भी छुट्टी करने का मन बना लिया है।