नामांतरण दर्ज करने के लिए मांगे थे 25 हजार रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
होशियारपुर। विजिलेंस विभाग ने इंतकाल दर्ज करने की एवज में 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पटवारी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। डीएसपी विजिलेंस विभाग होशियारपुर मुनीष कुमार ने बताया कि जसविंदर कौर के पति संतोख राम ने 22 दिसंबर 2023 गांव तनूली में 6 मरला रकबा हस्तांतरित किया था। इसका नामांतरण दर्ज करने के लिए पटवारी रमेश कुमार मल्ल, हलका पंडोरी बीबी ने शिकायतकर्ता से 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी, लेकिन उस दिन शिकायतकर्ता के पास केवल 15 हजार रुपये थे, जो पटवारी ने उससे ले लिए और कहा कि वह नामांतरण कर देगा। बाकी 10 हजार रुपये बाद में दे दें।
शिकायतकर्ता की ननद आशा रानी, निवासी जगरांव ने सर्वाइविंग प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए उपायुक्त होशियारपुर को आवेदन किया था, जिसकी जांच भी उक्त पटवारी रमेश कुमार के पास आई थी। आरोप है कि पटवारी ने आशा रानी के प्रमाण पत्र को रोक दिया और शिकायतकर्ता को अपने मोबाइल फोन से संदेश दिया कि वह 15 हजार रुपये दे दें तो आशा रानी से कहें कि कि वह नंबरदार के साथ उनके कार्यालय में आ जाए। शिकायतकर्ता ने पटवारी को मैसेज किया कि रकम 10 हजार रुपये से 15 हजार रुपये कैसे हो गई, तो पटवारी ने जवाब दिया कि 22 मई 2024 के बाद ब्याज सहित 20 हजार रुपए हो जाएंगे।
शिकायतकर्ता ने 14 मई को मोबाइल फोन पर पटवारी रमेश कुमार से बात की, तो उसने फिर से 15 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की, जिस पर शिकायतकर्ता जसविंदर कौर ने सतर्कता विभाग को शिकायत दी। उक्त शिकायत पर डीएसपी विजिलेंस विभाग होशियारपुर मुनीष कुमार की देखरेख में इंस्पेक्टर विजयपाल सिंह ने पटवारी रमेश कुमार को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। डीएसपी मुनीष कुमार ने कहा कि कथित आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उसे 16 मई को अदालत में पेश कर रिमांड लिया जाएगा।