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साहनेवाल-लुधियाना रेल सेक्शन के बीच 130 की रफ्तार से दौड़ेगी पैसेंजर ट्रेनें

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फिरोजपुर डिवीजन में विभिन्न रेल सेक्शनों पर ट्रैक दुरूस्त करने का चल रहा कार्य। - फोटो : FIROZPUR
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रेल डिवीजन फिरोजपुर में पड़ते पंजाब, हिमाचल व जम्मू-कश्मीर राज्यों की सरकारों ने सफर को कम समय में तय करने के लिए नई सड़कों का जाल बिछाया है। इसी तर्ज पर डिवीजन फिरोजपुर ने ट्रैकों को दुरुस्त कर 130 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से पैसेंजर ट्रेनों को चलाने का निर्णय लिया है। रेल डिवीजन फिरोजपुर के साहनेवाल-लुधियाना रेल सेक्शन के बीच बिछे ट्रैक पर अब 130 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से पैसेंजर ट्रेनें दौड़ेंगी। उक्त ट्रैक पर इतनी रफ्तार से ट्रेन चलाने की स्वीकृति मुख्य संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ने दे दी है। इसके अलावा लुधियाना-जालंधर और जालंधर-जम्मूतवी रेल सेक्शन के बीच भी पैसेंजर ट्रेनें 130 किलोमीटर प्रति घंटा से दौड़ाने के लिए ट्रैक को दुरुस्त करने का कार्य चल रहा है।
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उधर, डीआरएम राजेश अग्रवाल ने बताया कि डिवीजन में कई वेल सेक्शनों पर 130 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से पैसेंजर ट्रेनों को चलाने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि साहनेवाल तथा डंडारीकलां रेलवे स्टेशनों पर ट्रैक के 10 खाकों को टी-28 मशीन द्वारा ट्रैक की पंक्ति को सीधा किया जा चुका है। बिजली की ओवरहेड तारों को भी खाकों के अनुरूप संवर्धित किया जा चुका है। सीआरएस द्वारा बताए गए सभी सुधार कार्यों का मानकों के अनुरूप संवर्धित कर मुख्यालय को अवगत करा दिया गया है। अग्रवाल ने बताया कि दिल्ली-लुधियाना सेक्शन में राजधानी, शताब्दी तथा एलएचबी कोच वाले गाड़ियों को 130 किलोमीटर प्रतिघंटा से चलाना शीघ्र ही सुनिश्चित हो जाएगा। अधिक गति के कारण, लुधियाना शहर के समीप रेलवे की चौहद्दी में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे की सीमा में दीवार बनाने का कार्य अंतिम चरण में है और इस कार्य में नगर निगम का सहयोग प्राप्त हो रहा है। डीआरएम अग्रवाल ने बताया कि रेल डिवीजन फिरोजपुर के लुधियाना-जालंधर तथा जालंधर-जम्मू सेक्शन पर भी 130 किलोमीटर प्रतिघंटा से पैसेंजर ट्रेन चलाने के प्रस्ताव पर त्वरित गति से कार्य चल रहा है।
ट्रेनों में यात्रियों की संख्या हो रही थी कम
सूत्रों के मुताबिक ट्रेनों की धीमी गति के कारण लोग अपने वाहनों व प्राइवेट बसों में सफर करना पसंद कर रहे थे। क्योंकि फिरोजपुर से लुधियाना पैसेंजर ट्रेन लगभग ढ़ाई से तीन घंटे लेती है। जबकि सड़कों के माध्यम अपने वाहन या बस पर यही सफर दो घंटे के भीतर तय होता है। इसके अलावा फिरोजपुर से चंडीगढ़ के बीच चली ट्रेन पांच से साढ़े घंटे में चंडीगढ़ पहुंचाती है, जबकि फिरोजपुर से सुबह चलने वाली बस चार घंटे में पहुंचाती है और अपने वाहन पर लगभग साढ़े तीन घंटे लगते हैं। इसीलिए ट्रेनों में मुसाफिरों की संख्या प्रतिदिन कम हो रही थी। इसे देखते हुए रेलवे ने ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने का निर्णय लिया है।
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