फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

परगट सिंह: हॉकी स्टिक थामी, वर्दी पहनी अब हाथों में सियासी कमान, जालंधर के मिट्ठापुर से शुरू हुआ था सफर

Sun, 04 Oct 2026 12:55 PM IST
Sharukh Khan सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर

सार

जालंधर की मिट्ठापुर की धरती से निकला एक लड़का हॉकी की स्टिक थामता है और देखते ही देखते भारतीय हॉकी का कप्तान बन जाता है। फिर वही खिलाड़ी पुलिस की वर्दी पहनता है, पंजाब पुलिस में एसपी बनता है। राजनीति में उतरता है, अकाली दल के टिकट पर विधायक बनता है, कांग्रेस सरकार में मंत्री बनता है और अब उसी कांग्रेस ने उसे पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान सौंप दी है। 
विज्ञापन
Pargat Singh - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जालंधर के मिट्ठापुर से निकले परगट सिंह ने हॉकी की स्टिक थामकर भारतीय टीम की कप्तानी की। फिर पुलिस की वर्दी पहनकर पंजाब पुलिस में एसपी बने। राजनीति में उतरे तो अकाली दल के टिकट पर विधायक बने, अपनी ही पार्टी के नेतृत्व से टकराए, बाहर निकले, नवजोत सिंह सिद्धू के साथ आवाज-ए-पंजाब मंच बनाया और फिर कांग्रेस में शामिल होकर मंत्री बने।
विज्ञापन


अब कांग्रेस ने उन्हें पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान सौंप दी है। पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान परगट सिंह को 2 अक्तूबर को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उन्होंने अमरिंदर सिंह राजा वडिंग की जगह ली है। परगट सिंह ने 1985 की पर्थ चैंपियंस ट्रॉफी में जर्मनी के खिलाफ आखिरी छह मिनट में चार गोल किए थे।

उन्होंने 1992 बार्सिलोना और 1996 अटलांटा ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी की। 1996 ओलंपिक के उद्घाटन समारोह में वह भारतीय दल के ध्वजवाहक भी रहे। खेल में योगदान के लिए उन्हें 1989 में अर्जुन पुरस्कार और 1998 में पद्मश्री मिला। हॉकी के बाद वह पंजाब पुलिस में एसपी बने।

जब अपनी ही सरकार के फैसलों पर सवाल उठाए
2012 में परगट ने शिअद के टिकट पर जालंधर कैंट से विधानसभा चुनाव जीता। अकाली सरकार में रहते हुए उन्होंने अपनी ही सरकार के फैसलों पर सवाल उठाए। जालंधर कैंट में ठोस कचरा प्रबंधन संयंत्र के मुद्दे पर तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से उनका टकराव हुआ। 

 

2016 में अकाली दल ने उन्हें निलंबित किया और उन्होंने पार्टी छोड़ दी। इसी दौरान नवजोत सिंह सिद्धू और बैंस बंधुओं के साथ आवाज-ए-पंजाब मंच बनाया। 2016 के अंत में कांग्रेस में शामिल हुए और 2017 व 2022 में जालंधर कैंट से विधायक चुने गए।

खेल और शिक्षा मंत्री रहे
2021 में नवजोत सिंह सिद्धू के पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनने पर परगट को महासचिव बनाया गया। चरणजीत सिंह चन्नी सरकार में वह खेल एवं शिक्षा मंत्री रहे। इस दौरान उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के कामकाज पर भी खुलकर टिप्पणी की। 
 

बेअदबी, नशा, खनन, किसानों और बिजली खरीद समझौतों जैसे मुद्दों पर उनकी मुखर भूमिका रही। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पंजाब में संगठन को फिर सक्रिय करने में जुटी है। ऐसे में एक पूर्व राष्ट्रीय कप्तान को प्रदेश संगठन की कमान मिलना राजनीतिक रूप से खास संदेश देता है।

 

पंजाब कांग्रेस की कमान
2026 में उनकी कहानी ने अब तक का सबसे बड़ा मोड़ ले लिया। 2 अक्तूबर को कांग्रेस ने पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया। यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि परगट किसी एक कांग्रेस गुट की पहचान बनकर नहीं उभरे हैं। 

 
विज्ञापन

मौजूदा कांग्रेस नेतृत्व के सामने संगठन को एकजुट रखने और संतुलन बनाने की चुनौती है। एक पूर्व राष्ट्रीय कप्तान को प्रदेश संगठन की कमान मिलना राजनीतिक रूप से खास संदेश देता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें