पचास साल के हेड कांस्टेबल गुरबचन सिंह ड्यूटी के साथ साथ समाजसेवा में भी जुटे हुए हैं।
बहुत ही नायाब तरीके से गुरबचन पंफलेट के माध्यम से नशा करने वालों को इनामी कूपन का ऑफर देते हैं। वह नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए कपूरथला के 702 गांवों के सरपंचों को पत्र के साथ पंफलेट भेज चुके हैं।
पंजाब के अन्य जिलों की तरफ इनका काफिला बढ़ गया है। अब तक वह पचास हजार पंफलेट वितरित कर चुके हैं और करीब 300 लोगों को नशे के जंजाल से छुड़ाकर मुख्यधारा में ला चुके हैं। इस आंकड़े में गुरबचन सिंह के बहुत साथी भी शामिल हैं।
गुरबचन सिंह बताते हैं कि बठिंडा में एक चाय की दुकान पर चाय पीते हुए उन्हें दीवार पर नशेड़ियों के लिए सुनहरी मौके वाला छोटा सा पंफलेट लगा दिखा। उसे रणजीत सिंह बठिंडा ने तैयार किया था।
बस, यहीं से उन्हें इसके दुष्प्रभावों के प्रति मुहिम चलाने की सूझी और रणजीत सिंह बठिंडा से फोन पर बात करके इस पंफलेट को विस्तार दिया गया।
उन्होंने कहा कि ताज्जुब की बात है कि नशा बेचने वाले तो अमीर हो रहे हैं और सेवन करने वाले गरीब होने के साथ-साथ बर्बादी की कगार पर पहुंच रहे हैं। इस नशे का नाश बहुत जरूरी है।
ये है पंफलेट का मजमून
(नशे खान-पीन वालेयां लई सुनहरी मौका)
-सब तों वद्ध नशे खाओ, सब तों वद्ध इनाम पाओ
-बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू, जर्दा, शराब, स्मैक, भुक्की अफीम खाओ
वड्डे तों वड्डा इनाम पाओ
पहला इनाम----घरों अते बाहरों जुत्तियां-छित्तर
दूसरा इनाम----शरतिया फेफड़ेयां का कैंसर, टीबी
तीसरा इनाम---लीवर, किडनी खराब
चौथा इनाम---बरबादी का राह खोलदे हन नशीले पदारथ
पंजवां इनाम--सिर ते करजे दा भार, बाद विच्च आत्महत्या
छेवां इनाम--बच्चे घरवाली अते मां-बाप दी बरबादी
सतवां इनाम-साढ़े तिन हत्थ दा प्लाट, पंज क्विंटल लकड़ां, पौने तिन मीटर सफेद कपड़ा
इनामां दी वंड--धरमराज जी दे जमदूत खुद करनगे
इनामां दा स्थान-हर पिंड अते शहर दे श्मशानघाट विखे
पुज रहे सज्जन--नशा खान वाले समूह इलाक वैरी
नोट :-इनामां के कूपन हर शराब दे ठेके, पान-बीड़ी, सिगरेट दे खोखेयां, बलैकिये, देश अते कौम दे दुश्मनां कौलों मिलदे हन
जारीकर्ता :-गुरबचन सिंह, पंजाब पुलिस कपूरथला।