सीआईए स्टाफ ने एक दिन पहले नवजात बच्चे की डीलिंग करते रंगे हाथों पकड़े
पंचकूला के कारोबारी और छह महिलाओं को शनिवार ड्यूटी मजिस्ट्रेट सतीश कुमार
की अदालत में पेश किया। अदालत ने इन आरोपियों में कारोबारी विकास गोयल
समेत गिरोह की छह महिला सदस्यों बरनाला निवासी ममता, फरीदकोट निवासी
परमिंदर कौर, लुधियाना निवासी बिंदर कौर, मोगा निवासी कुलविंदर कौर,
फरीदकोट निवासी जसपाल कौर व जैतो निवासी गुरमीत कौर को 14 दिन की न्यायिक
हिरासत में जेल भेज दिया है।
पुलिस की प्राथमिक पड़ताल में सामने आया
है कि ये महिलाएं नवजात बच्चों की खरीद फरोख्त करवाने में दलाली का काम
करती हैं। पुलिस के अनुसार सीआईए स्टाफ ने एक सूचना के आधार पर दबिश देकर
इस सनसनीखेज मामले को उजागर किया है। पंचकूला निवासी कारोबारी विकास गोयल
और शिखा गोयल की शादी को करीब 10-12 साल हो चुके थे, लेकिन उनके घर कोई
बच्चा नहीं है। कारोबारी दंपति ने बच्चा हासिल करने के लिए बरनाला निवासी
ममता से संपर्क साधा।
ममता ने अपनी बाकी महिला साथियों की मदद से फरीदकोट
की बाजीगर बस्ती निवासी पृथ्वी सिंह व उसकी पत्नी परमजीत कौर को पैदा होने
वाले बच्चे को बेचने के लिए तैयार कर लिया।
गिरोह ने विकास गोयल के साथ
नवजात बच्चे का सौदा 2.80 लाख रुपये में तय किया था। इसमें से बच्चे के
अभिभावकों को महज 70 हजार रुपये ही अदा किए जाने थे। बच्चे के जन्म लेने पर
गिरोह ने विकास गोयल से संपर्क किया और उसे फरीदकोट में बुला लिया। विकास
अपनी पत्नी और मां को साथ लेकर बच्चे लेने फरीदकोट आ गया। यहां पर बच्चे की
सौदेबाजी होने लगी और दोनों पक्ष लेन-देन में जुट गए।
इस दौरान शक होने पर
किसी ने सीआईए स्टाफ को सूचित कर दिया। पुलिस ने दबिश देते हुए मौके से
विकास गोयल के अलावा गिरोह की छह महिला सदस्यों को काबू किया और इनसे बरामद
हुए नवजात बच्चे को देखभाल के लिए राधा कृष्ण को सौंप दिया। इस मामले में
पुलिस ने बच्चा खरीदने वाले विकास गोयल की पत्नी शिखा गोयल के अलावा नवजात
बच्चे के पिता पृथ्वी सिंह व माता परमजीत कौर को भी केस में नामजद किया है,
लेकिन फिलहाल उनकी गिरफ्तारी नहीं दिखाई है।